अखिलेश यादव के बयान पर डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार, बोले- उनके यहां सिलेंडर न हो तो...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एलपीजी सिलेंडर को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के बयान पर डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya ने तंज कसते हुए कहा कि अगर उनके यहां सिलेंडर नहीं है, तो वे सूचना भेज दें, सरकार उनके यहां सिलेंडर भिजवा देगी।
अखिलेश यादव ने उठाए थे सवाल
दरअसल, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में कहा था कि उन्होंने अपने घर में मिट्टी के चूल्हे मंगवा लिए हैं। उनका कहना था कि गैस सिलेंडर की समस्या सभी को झेलनी पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि अगर आने वाले 1-2 महीने तक स्थिति ऐसी ही रही, तो लोगों को लकड़ी और कोयले से खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
छात्रों और छोटे कारोबारियों का मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि इस समस्या का सबसे ज्यादा असर छात्रों और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि ठेले पर चाट, मोमोज, मैगी और नूडल्स बेचने वाले लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। धीरे-धीरे यह समस्या हर वर्ग तक पहुंच सकती है।
केशव मौर्य का पलटवार
इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने तंज भरे लहजे में कहा, अगर उनके पास सिलेंडर नहीं है, तो हमारे यहां सूचना भिजवा दें, हम सिलेंडर पहुंचा देंगे।” उनके इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।
LPG सिलेंडर को लेकर सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने जनता को केवल लाइनों में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14.2 किलो के सिलेंडर को घटाकर 10 किलो कर दिया गया, जिससे जनता को नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि अगर गैस की कमी थी, तो पहले से तैयारी क्यों नहीं की गई।
जनता के मूड पर भी टिप्पणी
सपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी के फैसलों से जनता परेशान हो चुकी है और अब लोग बदलाव का मन बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि जैसे सरकार लोगों को लाइन में खड़ा करती है, वैसे ही जनता भी अब चुनाव में जवाब देने के लिए तैयार है।
बयानबाजी से गर्माई सियासत
एलपीजी सिलेंडर जैसे आम मुद्दे पर शुरू हुई यह बहस अब सियासी रंग ले चुकी है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे प्रदेश की राजनीति और गर्म हो गई है।