कर्नाटक : डीके शिवकुमार ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ,14 मंत्रियों ने भी संभाली जिम्मेदारी
Bengaluru : कर्नाटक की राजनीति में बुधवार को एक नया अध्याय शुरू हो गया, जब कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजभवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धारमैया समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री पद संभालने से पहले सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।
14 मंत्रियों ने भी ली शपथ
डीके शिवकुमार मंत्रिमंडल में 14 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता और दलित समुदाय के प्रमुख चेहरे के. एच. मुनियप्पा भी शामिल हैं। 78 वर्षीय मुनियप्पा कोलार लोकसभा सीट से सात बार सांसद रह चुके हैं और केंद्र सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री का दायित्व भी संभाल चुके हैं।
इसके अलावा के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियांक खड़गे, यू.टी. खादर, ईश्वर खंड्रे, यतीन्द्र सिद्धारमैया, बैराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल समेत अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली।
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद मिली जिम्मेदारी
हाल ही में कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने राज्य की कमान डीके शिवकुमार को सौंपने का फैसला किया। लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले शिवकुमार को संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने वाला नेता माना जाता है।
सुशासन और विकास पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य की जनता ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसके लिए वह आभारी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि आगे कई चुनौतियां हैं, लेकिन उनकी सरकार पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में सुशासन, बुनियादी ढांचे का विकास, निवेश को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन और राज्य के समग्र विकास को गति देना शामिल होगा। शिवकुमार ने भरोसा जताया कि उनकी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी उतरेगी और कर्नाटक को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।