अब मैदान में E20 जनता पार्टी: सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहा समर्थन, क्या हैं मांगें और किस मंत्री से मांगा इस्तीफा?
नई दिल्ली। नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर शुरू हुए देशव्यापी आंदोलन और उसके बाद गठित हुई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के समाप्त होने के बाद अब एक नया सोशल मीडिया अभियान चर्चा का विषय बन गया है। E-20 जनता पार्टी के नाम से चल रहे इस ऑनलाइन कैंपेन के जरिए एथनॉल ब्लेंडिंग (E-20) नीति को लेकर केंद्र सरकार से सवाल पूछे जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि एक्स पर इस अभियान से 30 हजार से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर भी इसके फॉलोअर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है।
एथनॉल नीति पर पारदर्शिता की मांग
E-20 जनता पार्टी की ओर से एक्स पर साझा किए गए एक पोस्ट में कहा गया है कि नागरिकों को किसी भी सरकारी नीति पर सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। पोस्ट में लिखा गया है कि एथनॉल ब्लेंडिंग को लेकर देशभर में अलग-अलग दावे और राय सामने आ रही हैं। ऐसे में हर नागरिक और वाहन मालिक को पारदर्शी, वैज्ञानिक तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
पोस्ट में आगे कहा गया है कि किसी सरकारी नीति पर सवाल उठाना उसका विरोध करना नहीं है, बल्कि लोकतंत्र में यह प्रत्येक नागरिक का बुनियादी अधिकार है। यदि कोई नीति वास्तव में जनहित में है, तो उसे तथ्यों, पारदर्शिता और वैज्ञानिक प्रमाणों की कसौटी पर भी खरा उतरना चाहिए। अभियान के माध्यम से लोगों से अपील की गई है कि वे अनुमान या भावनाओं के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी राय बनाएं और जवाबदेही की मांग करें।
नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग
सोशल मीडिया अभियान के तहत किए गए कई अन्य पोस्ट में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग भी की गई है। पोस्ट में लोगों से इस अभियान को देशभर तक पहुंचाने और एथनॉल नीति पर सरकार से जवाब मांगने की अपील की गई है।
एक अन्य पोस्ट में लिखा गया है, "यह किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि जनहित की बात है। आइए, मिलकर आवाज उठाएं और एथनॉल नीति पर सरकार से सवाल करें।"
सीजेपी आंदोलन के बाद नया अभियान
गौरतलब है कि नीट परीक्षा पेपर लीक और उससे जुड़े घटनाक्रम के बाद गठित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक प्रदर्शन किया था। इसके बाद 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा आंदोलन की अन्य प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद सीजेपी ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी। अब उसी के बाद E-20 जनता पार्टी के नाम से शुरू हुआ यह नया सोशल मीडिया अभियान तेजी से चर्चा में आ गया है।