क्या E20 पेट्रोल से इंजन खराब होता है? सरकार ने संसद में दिया जवाब- IIT कानपुर के रिसर्च में क्या आया
E20 पेट्रोल को लेकर संसद में केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार ने कहा कि किसी भी वैज्ञानिक अध्ययन में E20 पेट्रोल से इंजन खराब होने या माइलेज में बड़ी गिरावट की पुष्टि नहीं हुई है। सरकार ने इसे सुरक्षित और वैज्ञानिक परीक्षणों से प्रमाणित ईंधन बताया।
देशभर में E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने संसद में बड़ा बयान दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि अब तक हुए किसी भी वैज्ञानिक अध्ययन में यह साबित नहीं हुआ है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का इंजन खराब होता है या माइलेज में उल्लेखनीय गिरावट आती है। सरकार का कहना है कि इस संबंध में सामने आए दावों की पुष्टि किसी प्रमाणित शोध से नहीं हुई है।
संसद में सरकार ने क्या कहा?
लोकसभा में एक लिखित जवाब में केंद्र सरकार ने कहा कि E20 पेट्रोल से इंजन को नुकसान, असामान्य घिसाव या वाहन के प्रदर्शन में व्यापक गिरावट के कोई पुष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। सरकार के मुताबिक E20 ईंधन को लागू करने से पहले व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण, फील्ड ट्रायल और वास्तविक परिस्थितियों में अध्ययन किए गए थे।
इंजन खराब होने और माइलेज घटने के दावे पर सरकार का जवाब
सरकार ने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर E20 पेट्रोल को लेकर कई तरह की आशंकाएं सामने आई हैं, लेकिन अब तक किसी वैज्ञानिक अध्ययन ने यह साबित नहीं किया है कि E20 के कारण इंजन को नुकसान होता है या माइलेज में बड़ी गिरावट आती है। सरकार का कहना है कि वाहन के माइलेज पर ड्राइविंग स्टाइल, सड़क की स्थिति, ट्रैफिक और वाहन के रखरखाव जैसे कई अन्य कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।
IIT कानपुर के अध्ययन का भी दिया गया हवाला
सरकार ने उन शोधों का भी उल्लेख किया जिनमें IIT कानपुर के इंजन रिसर्च लैब द्वारा किए गए परीक्षण शामिल हैं। इन अध्ययनों में पाया गया कि E20 पेट्रोल से इंजन को कोई बड़ा नुकसान नहीं होता और माइलेज में यदि कोई बदलाव होता भी है तो वह सीमित स्तर का होता है तथा कई अन्य कारणों से भी प्रभावित हो सकता है।
स्वच्छ ईंधन की दिशा में अहम कदम
केंद्र सरकार के अनुसार E20 पेट्रोल एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, कार्बन उत्सर्जन घटाना और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है। सरकार का कहना है कि यह कार्यक्रम वर्षों की वैज्ञानिक तैयारी और वाहन निर्माताओं से परामर्श के बाद लागू किया गया है।
वाहन मालिकों के लिए सरकार की सलाह
सरकार ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल अपुष्ट दावों पर भरोसा करने के बजाय वाहन निर्माता के दिशा-निर्देश और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की सलाह का पालन करें। इससे अनावश्यक भ्रम से बचा जा सकता है।
क्यों चर्चा में है E20 पेट्रोल?
हाल के दिनों में कुछ सर्वे और उपभोक्ताओं के अनुभवों के आधार पर E20 पेट्रोल से माइलेज घटने और पुराने वाहनों पर असर पड़ने को लेकर बहस तेज हुई थी। इसी बीच सरकार ने संसद में अपना आधिकारिक पक्ष रखते हुए कहा कि उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्य E20 पेट्रोल को सुरक्षित बताते हैं और इंजन क्षति के दावों की पुष्टि नहीं करते।