Economic Survey-2026: कैश स्कीम्स बढ़ीं तो घटा विकास निवेश, महंगाई-ग्रोथ पर क्या बोले आंकड़े
Economic Survey-2026: इकोनॉमिक सर्वे 2026 में बिना शर्त कैश ट्रांसफर योजनाओं पर चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार फ्रीबीज से राज्यों का खजाना खाली हो रहा है और विकास निवेश घट रहा है। साथ ही जंक फूड विज्ञापनों और सोशल मीडिया पर सख्ती की सिफारिश की गई है।
Economic Survey-2026: संसद में 29 जनवरी को पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे 2026 में राज्यों द्वारा दी जा रही ‘मुफ्त की रेवड़ियों’ यानी बिना शर्त कैश ट्रांसफर योजनाओं पर गंभीर चेतावनी दी गई है। सर्वे के अनुसार, इन योजनाओं से राज्यों की वित्तीय स्थिति कमजोर हो रही है, जिसका सीधा असर स्कूल, अस्पताल, सड़क और बुनियादी ढांचे के बजट पर पड़ रहा है।
सर्वे में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2023 से 2026 के बीच बिना शर्त नकद सहायता देने वाले राज्यों की संख्या पांच गुना से अधिक बढ़ गई है। चिंता की बात यह है कि इनमें से लगभग आधे राज्य पहले से ही राजस्व घाटे और बढ़ते कर्ज से जूझ रहे हैं। अनुमान है कि FY26 में राज्यों का कैश ट्रांसफर खर्च करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
फ्रीबीज से काम करने की इच्छा पर असर का खतरा
इकोनॉमिक सर्वे मानता है कि कैश ट्रांसफर से गरीब परिवारों, खासकर महिलाओं को तात्कालिक राहत मिलती है। हालांकि चेतावनी दी गई है कि यदि इन योजनाओं को स्किल डेवलपमेंट या शर्तों से नहीं जोड़ा गया, तो काम करने की प्रवृत्ति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। सर्वे ने सुझाव दिया है कि भारत को ब्राजील और मैक्सिको की तर्ज पर शर्त आधारित योजनाएं और ‘सनसेट क्लॉज’ अपनाने चाहिए।
कैपिटल खर्च घटने की चिंता
रिपोर्ट के मुताबिक राज्यों की कुल आय का लगभग 62% हिस्सा पहले ही वेतन, पेंशन, ब्याज और सब्सिडी में खर्च हो रहा है। नई कैश स्कीम्स के चलते पूंजीगत निवेश यानी स्कूल, अस्पताल, सड़क और पुल जैसी परिसंपत्तियों पर खर्च घटाया जा रहा है, जबकि सर्वे के अनुसार कैपिटल एक्सपेंडिचर का लाभ अधिक टिकाऊ होता है।
जंक फूड और सोशल मीडिया पर सख्ती की सिफारिश
सर्वे में बच्चों में बढ़ते मोटापे को लेकर चिंता जताते हुए सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक जंक फूड विज्ञापनों पर रोक लगाने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही सोशल मीडिया के लिए उम्र सीमा तय करने, प्लेटफॉर्म्स पर सख्त आयु सत्यापन और छात्रों के लिए सीमित डिजिटल एक्सेस का सुझाव भी दिया गया है।
महंगाई, जीडीपी और रोजगार पर आउटलुक
इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार महंगाई आने वाले वर्षों में RBI के लक्ष्य दायरे में बनी रह सकती है। FY27 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है। रोजगार के मोर्चे पर FY26 की दूसरी तिमाही में करीब 8.7 लाख नई नौकरियां जुड़ी हैं।
खेती, कर्ज और विदेशी व्यापार
रिपोर्ट में FY26 में कृषि विकास दर 3.1% रहने का अनुमान जताया गया है। साथ ही बताया गया है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 701 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद FY25 में भारत का कुल निर्यात रिकॉर्ड 825.3 अरब डॉलर रहा है। अमेरिका पर निर्भरता घटाने के लिए भारत ने EU सहित कई देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं।