{"vars":{"id": "130921:5012"}}

1,266 करोड़ SBI बैंक घोटाले में ED का बड़ा एक्शन! श्रीकांत भसी से जुड़ी अब 3.66 करोड़ की विदेशी इंश्योरेंस पॉलिसियां जब्त
 

ED ने ₹1,266 करोड़ SBI बैंक फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी श्रीकांत भसी की 3.66 करोड़ रुपये की विदेशी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियां अटैच कर दी हैं। इससे पहले दुबई की 51.70 करोड़ और भारत की 111 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी जब्त की जा चुकी हैं।
 

SBI Fraud Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ₹1,266.63 करोड़ के कथित बैंक फ्रॉड मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने Advantage Overseas Pvt. Ltd. (AOPL) और उसके प्रमोटर श्रीकांत भसी से जुड़ी दो विदेशी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। इन दोनों पॉलिसियों की कुल सरेंडर वैल्यू करीब 3.66 करोड़ रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

CBI की FIR के बाद शुरू हुई ED की जांच

ED ने बताया कि यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। CBI ने Advantage Overseas Pvt. Ltd., उसके निदेशकों और कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

आरोप है कि कंपनी ने फर्जी Merchanting Trade Transactions के जरिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को करीब 1,266.63 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया।

फर्जी कारोबार दिखाकर बैंक से लिया फायदा

जांच के दौरान ED को पता चला कि कंपनी और उसके प्रमोटरों ने बैंकिंग सुविधाओं का गलत इस्तेमाल किया। इसके लिए फर्जी व्यापारिक लेन-देन, कागजातों में हेराफेरी और एक ही कारोबार को कई कंपनियों के जरिए दिखाने जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।

एजेंसी के अनुसार बैंक से मिली रकम को भारत और विदेश की कई कंपनियों में भेजकर उसकी असली पहचान छिपाने की कोशिश की गई। बाद में इसी पैसे से कई चल-अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

विदेशी इंश्योरेंस पॉलिसियों तक पहुंची जांच

जांच के दौरान ED को पता चला कि श्रीकांत भसी के नाम पर Zurich International Life Ltd. में दो Investment Linked Life Insurance Policies मौजूद हैं।

एजेंसी का कहना है कि ये पॉलिसियां उसी अवधि में खरीदी गई थीं, जब कथित बैंक घोटाला हुआ था। इनके लिए भुगतान विदेशों में मौजूद उन खातों और कंपनियों से किया गया, जिनका संबंध श्रीकांत भसी से जुड़ा मिला।

भारत में पैसा मंगाने की तैयारी थी

ED की जांच में यह भी सामने आया कि अप्रैल 2026 में श्रीकांत भसी ने दोनों पॉलिसियों को सरेंडर करने का आवेदन दिया था। उन्होंने बीमा कंपनी से कहा था कि सरेंडर के बाद मिलने वाली रकम भारत स्थित उनके बैंक खाते में भेज दी जाए।

एजेंसी को आशंका थी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह रकम दूसरी जगह भेजी जा सकती है। इसी कारण दोनों पॉलिसियों को तत्काल प्रभाव से अटैच कर दिया गया। पहले भी जब्त हो चुकी हैं करोड़ों की संपत्तियां

यह इस मामले में ED की पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले एजेंसी दुबई (UAE) में स्थित 9 अचल संपत्तियां, जिनकी कीमत करीब 51.70 करोड़ रुपये है, उन्हें भी अटैच कर चुकी है। इसके अलावा भारत में मौजूद करीब 111 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां भी पहले ही जब्त की जा चुकी हैं।