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बंगाल में चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: कुछ दिनों तक बाइक पर रोक, पीछे बैठने पर भी प्रतिबंध 
 

 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले चुनाव आयोग ने कड़े सुरक्षा और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए अहम प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। आयोग ने राज्य में दोपहिया वाहनों के उपयोग, बाइक रैलियों और रात के समय आवाजाही पर सख्त पाबंदियां लगा दी हैं। ये नियम 21 अप्रैल से प्रभावी हो गए हैं और 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान तक लागू रहेंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मतदान से दो दिन पहले से लेकर मतदान के दिन तक मोटरसाइकिल के उपयोग पर विशेष नियंत्रण रहेगा। शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक केवल आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर बाइक चलाने पर रोक रहेगी। इसके साथ ही बाइक रैली पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है ताकि किसी भी तरह की भीड़ या तनावपूर्ण स्थिति से बचा जा सके।

दिन के समय यानी सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक भी सख्त नियम लागू रहेंगे। इस दौरान मोटरसाइकिल पर दो लोगों के बैठने (पिलियन राइडिंग) की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने या पारिवारिक आवश्यक कार्यों के लिए सीमित छूट दी गई है।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों में छूट के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। प्रशासन और पुलिस को इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पहले चरण में 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इनमें उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और जंगलमहल क्षेत्र के जिले शामिल हैं। इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि मतदाताओं की संख्या 3.60 करोड़ से अधिक है।

चुनाव आयोग का कहना है कि ये सख्त कदम निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं, ताकि हर मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग कर सके।