{"vars":{"id": "130921:5012"}}

27 साल बाद राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित करेगा चुनाव आयोग, सभी राज्यों के निर्वाचन आयुक्त होंगे शामिल
 

 

नई दिल्ली I नई दिल्ली के भारत मंडपम में मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और राज्य निर्वाचन आयुक्तों (एसईसी) का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 27 वर्षों के अंतराल के बाद हो रहा यह महत्वपूर्ण सम्मेलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न होगा। बैठक में निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहेंगे।

सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त अपने-अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ भाग लेंगे। साथ ही 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) भी इसमें शामिल होंगे।

निर्वाचन प्रक्रियाओं में तालमेल बढ़ाना प्रमुख उद्देश्य

चुनाव आयोग द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस गोलमेज सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं के संबंध में अपने-अपने कानूनी ढांचे के भीतर ईसीआई और एसईसी के कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करना है। आयोग ने कहा कि यह मंच रचनात्मक विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा और निर्वाचन प्रबंधन में सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करेगा।

दिनभर चलने वाले इस सम्मेलन में निर्वाचन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और मतदाता सूचियों के साझा उपयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।

ईसीआईएनईटी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुति

आयोग के वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में शुरू किए गए ईसीआईएनईटी डिजिटल प्लेटफॉर्म की विशेषताओं और निर्वाचन सेवाओं को सुव्यवस्थित करने में इसकी परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा ईवीएम की मजबूती, पारदर्शिता और सुरक्षा उपायों से जुड़े तकनीकी व परिचालन पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

मतदाता पात्रता पर तुलनात्मक प्रस्तुति

बयान के मुताबिक, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के संदर्भ में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार मतदाताओं की पात्रता पर एक तुलनात्मक प्रस्तुति भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य विभिन्न अधिकार क्षेत्रों में मतदाता सूची तैयार करने से जुड़े कानूनी ढांचों पर सार्थक और सूचनाप्रद विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करना है।

गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोगों का गठन संबंधित राज्यों के कानूनों के तहत 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है। संविधान के अनुच्छेद 243के और 243ज़ीए के तहत पंचायतों और नगर निकायों के चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयुक्तों को सौंपी गई है।