TikTok को टक्कर देने की तैयारी में Facebook, ऐप खुलते ही दिखेगा फुल-स्क्रीन वीडियो फीड
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook को लेकर Meta एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। कंपनी एक नए फीचर की टेस्टिंग कर रही है, जिसके तहत यूजर्स को ऐप खोलते ही फुल-स्क्रीन वीडियो फीड दिखाई दे सकती है। यह बदलाव TikTok और Instagram Reels जैसे शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स को टक्कर देने की दिशा में Meta का बड़ा कदम माना जा रहा है।
ऐप खुलते ही शुरू होगा वीडियो मोड
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए इंटरफेस का फोकस उन यूजर्स पर होगा जो Facebook पर ज्यादा समय वीडियो देखने में बिताते हैं। ऐसे यूजर्स के लिए ऐप सीधे इमर्सिव फुल-स्क्रीन वीडियो मोड में खुल सकता है, जिससे वीडियो देखने का अनुभव ज्यादा आकर्षक और आसान हो जाएगा।
हालांकि, Meta ने स्पष्ट किया है कि यह फीचर सभी यूजर्स पर जबरदस्ती लागू नहीं किया जाएगा। कंपनी पहले इसे सीमित यूजर्स के साथ टेस्ट कर रही है और फीडबैक के आधार पर आगे फैसला लिया जाएगा।
Facebook में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?
दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में Facebook पर यूजर्स के व्यवहार में बदलाव देखने को मिला है। अब पहले की तुलना में कम लोग अपनी प्रोफाइल अपडेट करते हैं, पोस्ट शेयर करते हैं या दोस्तों के साथ बातचीत करते हैं। वहीं, शॉर्ट वीडियो कंटेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अब बातचीत से ज्यादा मनोरंजन और वीडियो देखने के लिए आते हैं। इसी ट्रेंड को देखते हुए Meta Facebook को वीडियो-केंद्रित बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
पुराने Facebook इंटरफेस का भी मिलेगा विकल्प
Meta ने बताया है कि नया वीडियो फीड फीचर अभी टेस्टिंग चरण में है। अगर यूजर्स को यह नया अनुभव पसंद नहीं आता है तो उनके पास पुराने Facebook इंटरफेस पर वापस लौटने का विकल्प रहेगा। कंपनी यूजर्स की प्रतिक्रिया के आधार पर ही इस फीचर को सभी के लिए जारी करने या इसमें बदलाव करने का फैसला करेगी।
AI की मदद से दिखाए जाएंगे पसंदीदा वीडियो
Meta अब Facebook पर वीडियो रिकमेंडेशन को और बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ा रही है। कंपनी का मानना है कि AI की मदद से यूजर्स की पसंद और रुचि के अनुसार बेहतर कंटेंट दिखाया जा सकता है।
Instagram के प्रमुख एडम मोसेरी के मुताबिक, सिर्फ दोस्तों और फॉलो किए गए अकाउंट्स की पोस्ट दिखाने से यूजर्स को सीमित कंटेंट मिलता है। वहीं, AI आधारित रिकमेंडेशन सिस्टम करोड़ों पोस्ट में से यूजर की पसंद के हिसाब से बेहतर वीडियो चुन सकता है। Meta का यह कदम साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में Facebook पर वीडियो कंटेंट की भूमिका और भी ज्यादा बढ़ सकती है।