{"vars":{"id": "130921:5012"}}

यूपी के किसानों के लिए जरूरी हुई Farmer ID, जानिए कैसे बनेगी किसान रजिस्ट्री और क्या होंगे इसके फायदे

 

उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के लिए 12 अंकों की यूनिक फार्मर आईडी (Farmer ID) या किसान रजिस्ट्री तैयार कर रही है। इस डिजिटल पहचान पत्र में किसानों की जमीन, खतौनी और खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज होगी। सरकार का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सही और पात्र किसानों तक पहुंचाना तथा फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है।

इन योजनाओं के लिए जरूरी होगी Farmer ID

सरकार के अनुसार, भविष्य में कई प्रमुख कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होगी। इनमें शामिल हैं—

पीएम किसान सम्मान निधि
खाद और बीज वितरण
फसल बीमा योजना
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
कृषि ऋण और कर्ज माफी योजनाएं
बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता और गन्ना विकास विभाग की योजनाएं

सरकार का कहना है कि आने वाले समय में पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त भी केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी, जिनकी किसान रजिस्ट्री पूरी होगी।

Farmer ID में क्या-क्या होगा दर्ज?

फार्मर आईडी एक डिजिटल डेटाबेस होगी, जिसमें किसान से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी दर्ज रहेगी। इसमें—

किसान का नाम
खतौनी और भूमि रिकॉर्ड
खेत का विवरण
बोई गई फसल की जानकारी

खाद लेने के दौरान किसान की आईडी स्कैन होते ही सिस्टम यह बता देगा कि किसान के पास कितनी जमीन है और उसे कितनी मात्रा में खाद की आवश्यकता है।

75 प्रतिशत किसानों की बन चुकी है Farmer ID

उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, प्रदेश के करीब 2.4 करोड़ किसानों में से 1.8 करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है। शेष किसानों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

सरकारी खरीद में नहीं कराना होगा बार-बार रजिस्ट्रेशन

अभी किसानों को हर सीजन धान और गेहूं जैसी फसलें सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने के लिए नया पंजीकरण कराना पड़ता है। लेकिन Farmer ID बनने के बाद यह प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। आईडी दर्ज करते ही किसान और उसकी जमीन का पूरा रिकॉर्ड सिस्टम पर उपलब्ध हो जाएगा।

किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना भी होगा आसान

फार्मर आईडी के जरिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए भूमि सत्यापन और दस्तावेजों की प्रक्रिया भी डिजिटल होगी। इससे किसानों को ऋण मिलने में कम समय लगेगा और अनावश्यक कागजी कार्रवाई भी घटेगी।

क्या है रजिस्ट्रेशन की स्थिति?

उत्तर प्रदेश में किसान रजिस्ट्री अभियान वर्ष 2024 में शुरू किया गया था। पहले इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया, जबकि 2025 और 2026 में इसे मिशन मोड में आगे बढ़ाया गया। सरकार ने पहले इसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल और बाद में 15 मई 2026 तय की थी। फिलहाल पंजीकरण जारी है और नई अंतिम तिथि की घोषणा अभी नहीं की गई है। हालांकि, 1 जून 2026 से कई सरकारी कृषि योजनाओं के लिए Farmer ID अनिवार्य कर दी गई है।

किसी समस्या पर यहां करें संपर्क

यदि खतौनी, खसरा नंबर या भूमि रिकॉर्ड में कोई त्रुटि है, तो पहले उसे राजस्व विभाग से ठीक कराना होगा। किसी भी कृषि योजना या किसान रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी और शिकायत के लिए किसान इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं—

कृषि हेल्पलाइन: 0522-2317003
किसान कॉल सेंटर (टोल फ्री): 1800-180-1551
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन: 1076

सरकार का मानना है कि Farmer ID लागू होने से कृषि योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, पात्र किसानों तक लाभ समय पर पहुंचेगा और सरकारी सेवाओं का लाभ लेना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगा।