₹100 करोड़ के कथित घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री महेश पोय्यामोझी गिरफ्तार, अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद CCB की कार्रवाई
Chennai : तमिलनाडु में निजी स्कूलों को मान्यता और विभिन्न सरकारी मंजूरियां दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के मामले में पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री महेश पोय्यामोझी की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मद्रास हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने अमीनजीकराई स्थित उनके अपार्टमेंट से उन्हें गिरफ्तार किया।
मामले में आरोप है कि निजी स्कूल संचालकों से स्थायी मान्यता, स्कूलों के उन्नयन और अन्य कानूनी मंजूरियां दिलाने का आश्वासन देकर बड़ी रकम वसूली गई। यह रकम कथित तौर पर डीएमके के पार्टी फंड में योगदान के नाम पर ली गई थी।
निजी स्कूलों से 100 करोड़ रुपये से अधिक वसूली का आरोप
यह मामला तमिलनाडु में निजी स्कूल संघों के महासंघ के सचिव डीसी इलांगोवन की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के स्वयंभू संस्थापक अध्यक्ष बीटी अरासाकुमार और कोषाध्यक्ष मुथुकुमार ने विभिन्न निजी स्कूल प्रबंधनों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूली।
आरोपियों ने स्कूल संचालकों को सरकारी विभागों से जरूरी अनुमतियां दिलाने का भरोसा दिया था।
डीएमके पार्टी फंड के नाम पर पैसे लेने का आरोप
शिकायत के अनुसार, निजी स्कूलों को स्थायी मान्यता, स्कूलों को अपग्रेड करने की मंजूरी, नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशालय (DTCP) से क्लीयरेंस और अन्य वैधानिक अनुमतियां दिलाने का वादा किया गया था। आरोप है कि इन कार्यों के बदले स्कूल संचालकों से डीएमके पार्टी फंड में योगदान के नाम पर रकम ली गई।
शिकायत में यह भी दावा किया गया कि बीटी अरासाकुमार ने सरकार में अपनी पहुंच होने की बात कहकर स्कूल संचालकों को आश्वस्त किया था। हालांकि, कथित तौर पर न तो वादे के अनुसार मंजूरियां दिलाई गईं और न ही वसूली गई रकम वापस की गई।
27 जून को हुई थी अरासाकुमार की गिरफ्तारी
मामले की जांच के दौरान सीसीबी ने शुरुआत में बीटी अरासाकुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद 27 जून को अरासाकुमार को गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच में तत्कालीन स्कूली शिक्षा मंत्री महेश पोय्यामोझी की कथित भूमिका भी जांच के दायरे में आई।
चेन्नई और त्रिची में नौ ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
जांच के क्रम में 16 सितंबर को सीसीबी की टीमों ने चेन्नई और त्रिची में नौ स्थानों पर छापेमारी की थी। इनमें चार ठिकाने महेश पोय्यामोझी से जुड़े बताए गए। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई दस्तावेज जब्त किए। इसके बाद 29 सितंबर को भी संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की गई।
ईडी ने भी दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के क्रम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 1 अक्टूबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया। इससे पहले सीसीबी की जांच में निजी स्कूलों से वसूली और सरकारी मंजूरियां दिलाने के कथित आश्वासनों से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जा रही थी।
मद्रास हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद महेश पोय्यामोझी की गिरफ्तारी की सूचना सामने आई है। फिलहाल ये सभी आरोप जांच के अधीन हैं। गिरफ्तारी या मुकदमा दर्ज होने से किसी आरोपी का दोष सिद्ध नहीं होता।