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Zero Tolerance से QUAD at Sea तक… दिल्ली बैठक में क्या-क्या हुआ? एस जयशंकर ने किया बड़ा ऐलान

नई दिल्ली में आयोजित QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी और AI टेक्नोलॉजी पर अहम चर्चा हुई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई। बैठक में अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री सुरक्षा और सप्लाई चेन को लेकर बड़े ऐलान किए।

 

QUAD Meeting Delhi 2026: भारत की राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को QUAD देशों—भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया—के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक आयोजित हुई। इस हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की।

बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग शामिल हुए। चर्चा के केंद्र में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, आतंकवाद, साइबर सिक्योरिटी, AI टेक्नोलॉजी, समुद्री निगरानी और वैश्विक सप्लाई चेन जैसे मुद्दे रहे।

जयशंकर का बड़ा बयान- आतंकवाद पर भारत की जीरो टॉलरेंस नीति

बैठक के बाद संयुक्त प्रेस बयान में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि QUAD देशों के बीच समन्वय लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने साफ कहा कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ हमेशा से “Zero Tolerance Policy” रही है।

जयशंकर ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक अस्थिरता के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, ऐसे समय में QUAD देशों का सहयोग और भी अहम हो जाता है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर खास फोकस

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चारों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में स्थित समुद्री लोकतंत्र हैं, इसलिए इस क्षेत्र में सहयोग बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि QUAD देशों के बीच समुद्री निगरानी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, अंडरसी केबल, ट्रेनिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) गतिविधियों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

जापान ने कहा- दुनिया तेजी से बदल रही

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि “Free and Open Indo-Pacific” यानी मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र का सपना QUAD सहयोग के जरिए मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात तेजी से बदल रहे हैं और इंडो-पैसिफिक देशों को अपने भविष्य का फैसला खुद करने की क्षमता विकसित करनी होगी। मोतेगी ने कहा कि QUAD इस दिशा में ठोस और जरूरी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऑस्ट्रेलिया ने जताई इंडो-पैसिफिक में तनाव की चिंता

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र इस समय गंभीर रणनीतिक और आर्थिक तनाव का सामना कर रहा है। उन्होंने ईरान और होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र करते हुए कहा कि यदि वहां संकट बढ़ता है तो इसका असर ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार पर पड़ेगा।

पेनी वोंग ने समुद्री मार्गों में नेविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि QUAD देशों की जिम्मेदारी क्षेत्र में स्थिरता और वास्तविक विकल्प उपलब्ध कराना है।

अमेरिका की दो बड़ी घोषणाएं

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैठक के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर दो बड़े ऐलान किए। उन्होंने बताया कि QUAD देशों ने “इंडो-पैसिफिक समुद्री निगरानी सहयोग पहल” शुरू करने का फैसला लिया है, जिससे सदस्य देशों के बीच समुद्री सूचनाओं का आदान-प्रदान और बेहतर होगा।

इसके साथ ही “इंडो-पैसिफिक समुद्री क्षेत्र जागरूकता पहल” का भी विस्तार किया जाएगा, जिसके जरिए क्षेत्रीय देशों को रियल टाइम समुद्री डेटा उपलब्ध कराया जाएगा।

भारत करेगा ‘QUAD at Sea’ मिशन की मेजबानी

मार्को रुबियो ने भारत का धन्यवाद करते हुए कहा कि भारत अगले चरण के “QUAD at Sea” मिशन की मेजबानी करेगा। इस मिशन के तहत चारों देशों के कोस्ट गार्ड एक साथ समुद्री अभ्यास और समन्वय गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।

भारत-अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण समझौता

QUAD बैठक के बाद भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं (Rare Earth Minerals) की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक अहम द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि यह समझौता खनन, प्रोसेसिंग, रिसाइक्लिंग और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इस पहल से दोनों देशों के बीच मजबूत और विविध सप्लाई चेन विकसित होगी और भविष्य की वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।

AI, साइबर सिक्योरिटी और समुद्री सुरक्षा पर बढ़ेगा सहयोग

बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी और नई तकनीकों के सुरक्षित उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई। QUAD देशों ने साफ किया कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।

क्यों अहम मानी जा रही QUAD बैठक?

चीन की बढ़ती गतिविधियों, इंडो-पैसिफिक में बढ़ते तनाव, मिडिल ईस्ट संकट और वैश्विक सप्लाई चेन की चुनौतियों के बीच QUAD देशों की यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह बैठक साफ संकेत देती है कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने की तैयारी में हैं।