राहुल गांधी पर बीजेपी का हमला, गौरव भाटिया बोले- ‘भस्मासुर बन चुके हैं नेता प्रतिपक्ष’
New Delhi : भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी को “भस्मासुर” करार देते हुए कहा कि उनकी राजनीति केवल अराजकता फैलाने की कोशिश है।
‘100 राहुल गांधी भी सरकार नहीं हिला सकते’
गौरव भाटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पूरी तरह स्थिर और मजबूत है। उन्होंने कहा, “यह सरकार अंगद के पांव की तरह मजबूत है। 100 राहुल गांधी भी आ जाएं तो इसे हिला नहीं पाएंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार “टूलकिट मॉडल” की राजनीति कर रहे हैं। भाटिया ने कहा कि यह मॉडल “विध्वंसक, अराजक, अपरिपक्व और मूर्खतापूर्ण राजनीति” का उदाहरण है।
‘राहुल गांधी का मकसद सिर्फ अराजकता फैलाना’
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि वैश्विक संकट और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते 85 दिनों में वैश्विक चुनौतियों का मजबूती से सामना किया है।
भाटिया ने कहा कि अगर राहुल गांधी का मकसद अराजकता फैलाना है, तो हमारा संकल्प भारत को और मजबूत बनाना है। कांग्रेस चाहे जितना जोर लगा ले, देश आगे बढ़ता रहेगा।
कांग्रेस के टूटने का किया दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गौरव भाटिया ने कांग्रेस पर भी बड़ा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अगले एक साल के भीतर कांग्रेस दो हिस्सों में बंट जाएगी।
उन्होंने कहा कि नकली गांधी परिवार के खिलाफ कांग्रेस के भीतर ही विद्रोह होगा। कांग्रेस के अंदर से ही इनके खिलाफ आवाज उठेगी।
महंगाई और तेल की कीमतों पर भी दी सफाई
बीजेपी प्रवक्ता ने विपक्ष द्वारा महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर किए जा रहे हमलों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में महंगाई दर 30 से 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि भारत में यह करीब 4 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट और पश्चिम एशिया में युद्ध के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी हुई है। साथ ही यह भी कहा कि रूस से कच्चे तेल के आयात को लेकर भारत किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव में काम नहीं करता।
भाटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देशहित में फैसले लेते हैं। भारत किसी के दबाव में नहीं चलता।