छोटे शहरों को मिलेगी हवाई रफ्तार: 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड के लिए सरकार ने ₹28,840 करोड़ किए मंजूर
नई दिल्ली। देश के विमानन ढांचे को मजबूत करने, इमिग्रेशन सिस्टम को आधुनिक बनाने और वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने कुल 30,640 करोड़ रुपये की परियोजनाओं और नीतिगत फैसलों को मंजूरी दी है। इन फैसलों में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ‘मॉडिफाइड उड़ान योजना’, इमिग्रेशन और वीजा सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए ‘आईवीएफआरटी 3.0’ का विस्तार और पेरिस समझौते के तहत भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) को औपचारिक मंजूरी शामिल है।
उड़ान योजना में बड़ा विस्तार
कैबिनेट की बैठक में सबसे बड़ा वित्तीय आवंटन विमानन क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए किया गया है। सरकार ने टियर-2 और टियर-3 शहरों में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए ‘मॉडिफाइड उड़ान योजना’ को 28,840 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
इस योजना के तहत देशभर में 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपैड विकसित किए जाएंगे, जिससे छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी। माना जा रहा है कि इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
इमिग्रेशन और वीजा सिस्टम होगा हाई-टेक
विदेशी नागरिकों के भारत आगमन, वीजा और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए कैबिनेट ने ‘इमिग्रेशन, वीजा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग’ (आईवीएफआरटी 3.0) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी और इसके लिए 1,800 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
इस फैसले के बाद इमिग्रेशन और वीजा सेवाएं एक हाई-टेक और सुरक्षित नेटवर्क से जुड़ जाएंगी। इससे विदेशी यात्रियों को भारत आने में सुविधा होगी और साथ ही देश की राष्ट्रीय सुरक्षा भी मजबूत होगी।
पेरिस समझौते के तहत एनडीसी को मंजूरी
कैबिनेट ने वैश्विक पर्यावरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले में पेरिस समझौते के तहत भारत के ‘नेशनली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन’ (एनडीसी) को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह फैसला वैश्विक मंच पर कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।