{"vars":{"id": "130921:5012"}}

ईंधन संकट की अफवाहों पर सरकार का बड़ा बयान, 2 महीने की सप्लाई सुरक्षित

 

New Delhi : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर सरकार ने स्पष्ट बयान दिया है। शुक्रवार (27 मार्च 2026) को केंद्र सरकार के मंत्रालयों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि देश में तेल और गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और अगले दो महीनों के लिए सप्लाई पहले से सुनिश्चित कर ली गई है।

इस संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों ने स्थिति को लेकर जानकारी दी।

कमर्शियल LPG सप्लाई का बड़ा हिस्सा बहाल

सरकार ने बताया कि देश में कमर्शियल एलपीजी सप्लाई का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही करीब 30 हजार टन गैस कमर्शियल उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा पांच किलोग्राम वाले करीब 30 हजार सिलेंडर भी वितरित किए गए हैं। सरकार के अनुसार पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और पीएनजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और पेट्रोल पंपों पर दिख रही भीड़ सिर्फ अफवाहों के कारण है।

खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षित

सरकार ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटे में खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। अधिकारियों के अनुसार पहले एलपीजी को लेकर और अब पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाहें फैलाने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविक स्थिति सामान्य है।

लॉकडाउन की खबरों को किया खारिज

प्रेस ब्रीफिंग में सरकार ने लॉकडाउन को लेकर चल रही अटकलों को भी खारिज कर दिया। अधिकारियों ने साफ कहा कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है और ऐसा कोई प्रस्ताव भी विचाराधीन नहीं है।

सरकार के मुताबिक देश में करीब एक लाख पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से लगभग 91 हजार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के हैं और सभी पर ईंधन उपलब्ध है।

तेल की कीमतों पर नजर रखेगी सरकार

सरकार ने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में सरकार कीमतों पर लगातार नजर रखेगी। साथ ही एक नया मेकैनिज्म तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत हर 15 दिन में ईंधन के दामों की समीक्षा की जा सकेगी।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।