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स्मार्ट मीटर पर योगी सरकर का बड़ा यू-टर्न! अब फिर मिलेगा पोस्टपेड बिजली बिल, बदले जाएंगे 83 लाख मीटर

 
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। तकनीकी समस्याओं और लगातार शिकायतों के बीच राज्य सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब सभी बिजली कनेक्शन पहले की तरह पोस्टपेड मोड में ही संचालित होंगे।

83 लाख मीटर फिर होंगे पोस्टपेड

सरकार के फैसले के मुताबिक, पिछले एक साल में लगाए गए करीब 83 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर को अब दोबारा पोस्टपेड मोड में बदला जाएगा। साथ ही पुराने मीटरों को प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया भी फिलहाल स्थगित कर दी गई है।

पहले जैसी बिलिंग व्यवस्था लागू

अब उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली का बिल मिलेगा, जिसे अगले महीने 15 दिन के भीतर जमा करना होगा।

महीने की 1 से 30 तारीख तक की खपत का बिल
अगले महीने SMS/WhatsApp के जरिए भेजा जाएगा
भुगतान के लिए 15 दिन का समय मिलेगा
तकनीकी दिक्कतों से बढ़ा था विरोध

प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की कई शिकायतें सामने आई थीं, जैसे:

रिचार्ज के बाद भी बिजली तुरंत बहाल न होना
ज्यादा लोड और बिल की शिकायत
सिस्टम में गड़बड़ी

इन समस्याओं के चलते कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन भी हुए।

जांच के बाद लिया गया फैसला

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की एक समिति गठित कर तकनीकी जांच के निर्देश दिए थे।

बकाया बिल पर भी राहत

सरकार ने उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल जमा करने में भी राहत दी है:

30 अप्रैल तक के बकाये को
10 किस्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है
शिकायत के लिए हेल्पलाइन

उपभोक्ता अपनी शिकायतें 1912 हेल्पलाइन पर दर्ज करा सकते हैं। साथ ही मई-जून में विशेष कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।