होर्मुज में हाई टेंशन! ईरान ने 2 कंटेनर शिप पकड़े, भारत से जुड़े रूट पर खतरा
Tehran/New Delhi : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो कंटेनर जहाजों को जब्त कर लिया है।
दो जहाजों को रोका गया
आईआरजीसी के अनुसार, “उल्लंघन” के चलते यह कार्रवाई की गई। जब्त किए गए जहाजों की पहचान MSC-FRANCESCA और EPAMINONDAS के रूप में हुई है। शिप ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के मुताबिक EPAMINONDAS दुबई के जबेल अली पोर्ट से गुजरात की ओर जा रहा था, जिससे इस घटना का सीधा असर भारत से जुड़े व्यापारिक मार्गों पर भी पड़ सकता है।
वैश्विक सप्लाई चेन पर असर का खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में जहाजों की जब्ती से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कूटनीतिक बातचीत ठप होने के बाद अब दोनों पक्ष समुद्री और सैन्य दबाव बढ़ाने की रणनीति अपना रहे हैं। इससे आने वाले दिनों में हालात और अस्थिर हो सकते हैं।
गोलीबारी की घटना भी आई सामने
इससे पहले यूनाइटेड किंगडम समुद्री व्यापार संचालन (UKMTO) ने जानकारी दी थी कि ईरानी गनबोट ने एक जहाज पर बिना चेतावनी गोलीबारी की। यह जहाज लाइबेरिया के झंडे के साथ इस मार्ग से गुजर रहा था। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने या पर्यावरण को नुकसान की खबर नहीं है।
ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि जहाज ने चेतावनी को नजरअंदाज किया था, जिसके बाद कार्रवाई की गई। वहीं UKMTO का कहना है कि गोलीबारी से पहले जहाज से संपर्क नहीं किया गया, जिससे दोनों पक्षों के दावों में विरोधाभास सामने आया है।
बढ़ सकता है वैश्विक संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में इस तरह की घटनाएं वैश्विक तेल कीमतों, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। अगर हालात नहीं सुधरे तो इसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ता टकराव अब समुद्री मार्गों तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कूटनीतिक प्रयास तेज होते हैं या स्थिति और गंभीर रूप लेती है।