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हिमंता सरमा ने दूसरी बार ली CM पद की शपथ, कांग्रेस ने किया समारोह का बहिष्कार

असम विधानसभा चुनाव में NDA की ऐतिहासिक जीत के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुए भव्य समारोह में चार अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली। BJP ने राज्य में रिकॉर्ड बहुमत हासिल किया।

 

असम विधानसभा चुनाव में NDA की प्रचंड जीत के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया राजनीतिक इतिहास रच दिया। बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है। राजधानी दिसपुर में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे।

राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने हिमंता बिस्वा सरमा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ चार अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इस मौके को बीजेपी ने पूर्वोत्तर में अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के रूप में पेश किया।

इन नेताओं ने भी ली मंत्री पद की शपथ

हिमंता सरमा के साथ बीजेपी और सहयोगी दलों के चार वरिष्ठ नेताओं को भी कैबिनेट में जगह मिली। इनमें बीजेपी नेता और मोदी सरकार में पूर्व राज्य मंत्री रहे रामेश्वर तेली, पूर्व वित्त मंत्री अजंता नियोग, असम गण परिषद के अध्यक्ष अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता चरण बोरो शामिल हैं। सभी नेताओं को राज्यपाल ने मंत्री पद की शपथ दिलाई।

NDA की रिकॉर्ड जीत ने बदली राजनीतिक तस्वीर

हाल ही में संपन्न हुए असम विधानसभा चुनाव में NDA ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों पर जीत दर्ज कर भारी बहुमत हासिल किया। बीजेपी अकेले 82 सीटें जीतने में सफल रही, जो राज्य में पार्टी के इतिहास की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है। बीजेपी ने पहली बार अपने दम पर स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा पार किया। वहीं सहयोगी दल AGP और BPF को 10-10 सीटें मिलीं।

इस जीत ने हिमंता बिस्वा सरमा की राजनीतिक पकड़ को और मजबूत कर दिया है। वे अब असम में लगातार दो कार्यकाल तक मुख्यमंत्री रहने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं।

पूर्वोत्तर में BJP का सबसे मजबूत चेहरा बने हिमंता

2021 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से हिमंता बिस्वा सरमा पूर्वोत्तर राजनीति में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। असम के साथ-साथ अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी पार्टी के विस्तार में उनकी अहम भूमिका रही है। बीजेपी नेतृत्व उन्हें पूर्वोत्तर में संगठन और चुनावी रणनीति का सबसे प्रभावी चेहरा मानता है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, असम में NDA की लगातार तीसरी सरकार बीजेपी के लिए पूर्वोत्तर में बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है।

सरकार के पहले 100 दिनों पर रहेगा फोकस

सूत्रों के अनुसार, नई सरकार अपने पहले 100 दिनों में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, कल्याणकारी योजनाओं, भूमि सुधार और स्वदेशी अधिकारों पर विशेष ध्यान देने वाली है। हिमंता सरकार राज्य में विकास और कानून व्यवस्था को लेकर बड़े फैसले ले सकती है।

कांग्रेस ने किया समारोह का बहिष्कार

जहां बीजेपी इस जीत का जश्न मना रही थी, वहीं कांग्रेस ने शपथ ग्रहण समारोह से दूरी बनाए रखी। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि संवैधानिक कार्यक्रम को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया गया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे “महंगे राजनीतिक आयोजन” का समर्थन नहीं कर सकती। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 19 सीटों पर जीत मिली है, जिससे पार्टी को बड़ा झटका लगा है।

पूर्वोत्तर की राजनीति में BJP की पकड़ और मजबूत

असम में NDA की इस जीत को सिर्फ एक राज्य की सत्ता वापसी नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में बीजेपी की बढ़ती पकड़ के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हिमंता बिस्वा सरमा की वापसी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में भी पूर्वोत्तर की राजनीति में बीजेपी की पकड़ मजबूत बनी रह सकती है।