प्लंबर के खाते में अचानक कैसे आ गए 294.80 करोड़ रुपये! बैलेंस देखते ही उड़ गए होश
गया: डिजिटल बैंकिंग के दौर में बिहार के गया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। बोधगया प्रखंड के मस्तपुरा गांव निवासी एक युवक के बैंक खाते में अचानक 294 करोड़ 80 लाख रुपये का बैलेंस दिखाई देने लगा। खाते में इतनी बड़ी राशि दिखने के बाद युवक खुद हैरान है, जबकि पूरे इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
बैलेंस चेक करते ही चौंक गया युवक
मस्तपुरा गांव निवासी विकास कुमार पेशे से इलेक्ट्रिकल और प्लंबर मिस्त्री हैं। विकास ने बताया कि उनका जियो पेमेंट्स बैंक में खाता पिछले लगभग पांच वर्षों से सक्रिय है।
दो दिन पहले उन्होंने जियो फाइनेंस ऐप के माध्यम से अपने खाते का बैलेंस चेक किया। बैलेंस देखते ही उनके होश उड़ गए, क्योंकि खाते में 2,94,80,00,000 रुपये (294 करोड़ 80 लाख रुपये) की राशि दिखाई दे रही थी।
पहली बार बैलेंस देखने पर विकास को लगा कि यह कोई तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है। लेकिन जब उन्होंने गुरुवार शाम दोबारा अपना खाता चेक किया तो फिर वही राशि दिखाई दी। इसके बाद उनकी हैरानी और बढ़ गई।
अब तक अधिकतम 6-7 लाख रुपये का ही हुआ था लेनदेन
विकास कुमार का कहना है कि उनके खाते में अब तक अधिकतम 6 से 7 लाख रुपये तक का ही लेनदेन हुआ है। ऐसे में अचानक सैकड़ों करोड़ रुपये का बैलेंस दिखाई देना उनके लिए किसी रहस्य से कम नहीं है।
उन्होंने बताया कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि यह बैंकिंग सिस्टम की गलती है, तकनीकी समस्या है या फिर कोई अन्य कारण है।
रकम निकालने की कोशिश भी नहीं की
संभावित बैंकिंग त्रुटि या तकनीकी गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए विकास कुमार ने खाते से कोई राशि निकालने या किसी प्रकार का लेनदेन करने की कोशिश नहीं की।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी रकम देखकर वह खुद घबरा गए और किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते थे। फिलहाल वे बैंक और संबंधित अधिकारियों की ओर से स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।
गांव में फैल गई खबर, लोगों की लगी भीड़
घटना की जानकारी जैसे ही गांव में फैली, लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण विकास कुमार के घर पहुंचने लगे और मामले की जानकारी लेने लगे।
देखते ही देखते यह खबर आसपास के इलाकों में भी फैल गई। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे।
तकनीकी गड़बड़ी या कुछ और?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि खाते में दिखाई दे रही यह भारी-भरकम राशि किसी तकनीकी त्रुटि का परिणाम है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।
बैंक की ओर से भी अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर एक सामान्य प्लंबर के खाते में अचानक 294 करोड़ 80 लाख रुपये का बैलेंस कैसे दिखाई देने लगा।
लोगों में बढ़ी उत्सुकता
इस अनोखे मामले ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स की भी उत्सुकता बढ़ा दी है। डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दौर में इस तरह की घटनाएं सिस्टम की विश्वसनीयता और तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल खड़े कर रही हैं। अब सभी को बैंक की जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है, जिससे यह साफ हो सके कि यह मामला तकनीकी गलती है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी हुई है।