दिल्ली प्रेस क्लब में भारी हंगामा! अभिजीत दिपके और नेहा बोरा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगे 'दफा हो जाओ' के नारे
नई दिल्ली। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी आंदोलन के बीच प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दिपके, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की नेता नेहा बोरा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत अन्य लोगों को विरोध का सामना करना पड़ा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी और 'बंद करो, दफा हो जाओ' जैसे नारे लगाकर अपना विरोध जताया।
कनॉट प्लेस में तिरंगा लेकर जुटने का आह्वान
इस बीच सीजेपी और अन्य संगठनों ने लोगों से दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ एकत्र होने की अपील की है। आम आदमी पार्टी (आप) ने भी इस आह्वान का समर्थन किया है। आयोजकों के मुताबिक, यह कार्यक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन का अगला चरण होगा।
आंदोलन से जुड़े संगठनों का कहना है कि उनका विरोध चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर है।
अभिजीत दिपके ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दिपके ने कहा कि पिछले 10 से 15 दिनों से दिल्ली की सड़कों पर छात्र संगठनों और युवाओं का प्रदर्शन जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले प्रदर्शनकारियों को लगातार हटाया जा रहा है और हिरासत में लिया जा रहा है।
दिपके ने दावा किया कि आंदोलन में शामिल होने पहुंचे विपक्षी नेताओं को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का नाम लिया।
उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, ऐसे में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्यों की जा रही है।
मेट्रो स्टेशन बंद करने और सुरक्षा बल बुलाने का आरोप
अभिजीत दिपके ने 10 अक्टूबर को हुए विरोध-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दावा किया कि आंदोलन को रोकने के लिए रेलवे सेवाओं को प्रभावित किया गया और दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए जम्मू-कश्मीर से भी सुरक्षा बलों को बुलाया गया। दिपके के मुताबिक, विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए इतने बड़े स्तर पर पाबंदियां लगाना गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नेहा बोरा ने महिला पत्रकार के मामले में पुलिस पर लगाए आरोप
बोरा ने आरोप लगाया कि एक महिला पत्रकार ने विवेक भगत के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस से संपर्क किया था। लेकिन बाद में उसी महिला पत्रकार के खिलाफ जवाबी प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।
उन्होंने कहा कि किसी भी महिला की शिकायत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और न्याय मांगने वाले व्यक्ति को ही कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े, तो यह चिंताजनक स्थिति है।
नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना और शिकायतों की निष्पक्ष जांच करना है, न कि किसी राजनीतिक पक्ष के समर्थन में काम करना।
विरोध और नारेबाजी के बीच आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी
दिल्ली प्रेस क्लब में हुई नारेबाजी के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहा आंदोलन एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एक ओर आंदोलन से जुड़े संगठन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे कुछ लोगों ने इन नेताओं और उनके विरोध-प्रदर्शन को लेकर नाराजगी जाहिर की।