‘मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले का संज्ञान लेगा’, सीजेएम ट्रांसफर पर अखिलेश यादव का तीखा तंज
लखनऊ I समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर के ट्रांसफर पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सीओ अनुज चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश के कुछ दिनों बाद ही CJM विभांशु सुधीर का तबादला सुल्तानपुर कर दिया गया है। अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट इस मामले का खुद संज्ञान लेंगे। मुझे विश्वास है कि देश के बुद्धिजीवी और जज खुद इस मुद्दे पर संज्ञान लेंगे।"
संभल में नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में CJM विभांशु सुधीर ने 9 जनवरी 2026 को तत्कालीन सीओ (अब ASP) अनुज चौधरी समेत 20 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मंगलवार को प्रशासनिक आदेश जारी कर विभांशु सुधीर सहित 14 न्यायिक अधिकारियों का ट्रांसफर किया, जिसमें उन्हें सुल्तानपुर में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) पद पर भेजा गया है। उनके स्थान पर संभल में सिविल जज आदित्य सिंह को नया CJM बनाया गया है।
इस ट्रांसफर के बाद संभल में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया और 'CJM को वापस लाओ' के नारे लगाए। अखिलेश यादव ने इसे न्यायपालिका पर दबाव का मामला बताते हुए उच्च न्यायालयों से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है।
इस बीच, अखिलेश यादव ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के सभी सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी। मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर हुई इस बैठक में लोकसभा के 37 सांसदों और राज्यसभा के 4 सांसदों ने हिस्सा लिया। बैठक में आगामी चुनावी रणनीति, संगठन को मजबूत करने और प्रत्येक संसदीय क्षेत्र की विधानसभा सीटों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई।
अखिलेश यादव ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि "यह 37 सांसद 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत दिलाएंगे।" उन्होंने विधानसभावार रिपोर्ट ली और पार्टी की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मिशन 2027 को लेकर नई रणनीति पर भी मंथन हुआ, जिसमें सांसदों को जमीनी स्तर पर टास्क सौंपे गए।
यह घटनाक्रम उत्तर प्रदेश की राजनीति में गरमागरम बहस का विषय बन गया है, जहां विपक्ष न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता पर सवाल उठा रहा है, जबकि सपा 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है।