{"vars":{"id": "130921:5012"}}

वादे कर दिए, अब निभाने...तमिलनाडु का CM बनते ही विजय ने गिनाया 10 लाख करोड़ का कर्ज, स्टालिन ने किया पलटवार

 
तमिलनाडु की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने राज्य में 200 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष टास्क फोर्स और कई जनकल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की।हालांकि, शपथ ग्रहण के बाद विजय का एक बयान राजनीतिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया, जिसमें उन्होंने कहा कि तमिलनाडु पर 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। उनके इस बयान पर अब पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख M. K. Stalin ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

‘सरकार के पास धन है, जरूरत इच्छाशक्ति की’

एमके स्टालिन ने विजय सरकार के ऐलानों का स्वागत करते हुए कहा कि नई सरकार को शुरुआत में ही यह नहीं कहना चाहिए कि राज्य के पास पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा, “धन है, जरूरत सिर्फ उसे जनता तक पहुंचाने की इच्छाशक्ति और शासन करने की क्षमता की है।”

स्टालिन ने दावा किया कि उनकी सरकार ने कोविड महामारी, बाढ़ और केंद्र सरकार की उपेक्षा जैसी चुनौतियों के बावजूद जनता के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं।

‘क्या आपको बजट की जानकारी नहीं थी?’

डीएमके प्रमुख ने विजय के 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमिलनाडु का ऋण स्तर तय सीमा के भीतर है। उन्होंने कहा कि फरवरी में पेश किए गए राज्य बजट में सरकार की वित्तीय स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई थी।

स्टालिन ने तंज कसते हुए कहा, “क्या आपको यह जानकारी नहीं थी? या आपने जनता से सिर्फ वादे ही कर दिए थे?” उन्होंने विजय सरकार से अपील की कि जनता को भ्रमित करने के बजाय अपने वादों को पूरा करने पर ध्यान दिया जाए।

विजय सरकार पर स्टालिन का बड़ा हमला

स्टालिन ने कहा कि विजय चुनाव के दौरान यह कहते रहे कि वे सिर्फ वही वादे करेंगे जिन्हें पूरा कर सकें। अब जब वे सरकार चला रहे हैं तो उन्हें प्रशासन और वादों को लागू करने के तौर-तरीके भी सीखने होंगे। उन्होंने कहा, “मुझे भरोसा है कि हमारी तरह आप भी जल्द ही जनता से किए गए वादों को पूरा करना सीख जाएंगे।”

हालांकि राजनीतिक हमलों के बीच स्टालिन ने विजय को शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि उनके नेतृत्व में तमिलनाडु की विकास यात्रा आगे बढ़ती रहे, यही उम्मीद है।