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'मुझे घसीटा, पंच मारे और मुंह से खून निकला...राहुल गांधी बोले- पुलिसकर्मी भी कह रहे थे, इस सरकार को हटाइए'

 

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याएं सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग कर रही है, जबकि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है।

राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस उन्हें हटाकर ले जा रही थी, तब कुछ पुलिसकर्मियों ने भी उनसे सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, "जो पुलिस वाले मुझे घसीटकर ले जा रहे थे, वही कान में कह रहे थे कि इस सरकार को हटाइए। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि वह राजस्थान से है, दूसरे ने बताया कि वह हरियाणा से है। दोनों का कहना था कि वे केवल आदेश का पालन कर रहे हैं।"

'छात्रों का कसूर क्या है?'

राहुल गांधी ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर छात्रों की गलती क्या है। उनके मुताबिक छात्र शांतिपूर्ण तरीके से केवल निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद यदि परीक्षा से पहले पेपर लीक हो जाए तो छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और कई छात्र मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दबाव के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या तक की है।

शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था भरोसे के संकट से जूझ रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के 152 पेपर लीक हुए, यानी औसतन हर महीने एक बड़ी घटना सामने आई। राहुल गांधी ने कहा कि हर बार लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती है, लेकिन अब तक किसी भी मामले में दोषियों को प्रभावी सजा नहीं मिली।

सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें

राहुल गांधी ने इस दौरान केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
छात्रों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर माफी मांगें।

परिवारों पर आर्थिक बोझ का भी किया जिक्र

राहुल गांधी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी में अभिभावक बड़ी रकम खर्च करते हैं और जब पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं तो उनकी मेहनत और पैसा दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ता है, जो अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए वर्षों तक बचत करते हैं।