{"vars":{"id": "130921:5012"}}

बैग में ड्रग्स डाल दूंगा... मुंबई छात्र आंदोलन के बीच पुलिसकर्मी की कथित धमकी का वीडियो वायरल
 

 

मुंबई। मुंबई में CJP के नेतृत्व में चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच मुंबई पुलिस के रवैये को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुंबई कांग्रेस द्वारा साझा किए गए एक वायरल वीडियो में एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी कथित तौर पर हिरासत में लिए गए छात्रों को ड्रग्स के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित पुलिसकर्मी को उसकी मौजूदा तैनाती से हटा दिया गया है।

पिछले कुछ दिनों से शिवाजी पार्क, चेंबूर और आजाद मैदान समेत मुंबई के कई इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र और नागरिक विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी दौरान सामने आए वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?

वायरल वीडियो में एक पुलिस वैन के अंदर कुछ युवा बैठे दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें प्रदर्शन स्थल से हिरासत में लिया गया था। वीडियो में आगे की सीट पर बैठा एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी छात्रों से कहता सुनाई देता है कि वे घर चले जाएं और दोबारा प्रदर्शन में शामिल न हों।

वीडियो में पुलिसकर्मी कथित तौर पर कहता है, "अगर तुम लोग यहां दोबारा दिखे, तो मैं तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर दूंगा। तुम्हारे बैग में 50-50 ग्राम पाउडर डाल दूंगा और तुम्हारी जिंदगी खत्म हो जाएगी।" इसके बाद वह यह भी कहता है कि प्रदर्शनकारियों की वजह से उसकी जिंदगी मुश्किल हो गई है।

मुंबई कांग्रेस ने उठाए सवाल

मुंबई कांग्रेस ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि यदि वीडियो वास्तविक है, तो यह न केवल छात्रों को डराने-धमकाने का मामला है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। पार्टी ने कहा कि "आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। छात्रों के सवालों का जवाब जवाबदेही के साथ दिया जाना चाहिए, न कि धमकियों के जरिए।"

मुंबई पुलिस ने शुरू की जांच

मामले का संज्ञान लेते हुए मुंबई पुलिस ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने तक वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मी को उसकी वर्तमान पोस्टिंग से हटा दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस पर अन्य आरोप भी

इस बीच प्रदर्शनकारियों ने मुंबई पुलिस पर अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस डिजिटल ट्रैकिंग, फोन कॉल और घर जाकर दबाव बनाने जैसी रणनीतियों का इस्तेमाल कर रही है।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, जिन लोगों के खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज है या जिन्हें कानूनी नोटिस जारी किए गए थे, उन्हें स्थानीय थानों से फोन और व्हाट्सएप संदेश भेजे गए। कुछ कथित तौर पर साझा किए गए स्क्रीनशॉट में दावा किया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने लोगों को घर पर रहने और अपनी व्हाट्सएप लाइव लोकेशन साझा करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, कुछ लोगों का दावा है कि उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत डिजिटल कानूनी नोटिस भेजे गए, जिनमें उन्हें पहले हुए प्रदर्शनों के संबंध में पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया है।