{"vars":{"id": "130921:5012"}}

राम मंदिर CEO नियुक्ति पर इमरान मसूद का बड़ा बयान, बोले- जो हवाई जहाज उड़ाते हैं, वे RSS के जाल में...

 

अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। ट्रस्ट की बुधवार को हुई अहम बैठक के बाद उनके नाम की घोषणा की गई। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में वरिष्ठ पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी नियुक्ति को मंदिर की प्रशासनिक और प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हालांकि, इस नियुक्ति को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़े काम मंदिर के संतों और उससे जुड़े लोगों को ही सौंपे जाने चाहिए। इमरान मसूद ने तंज कसते हुए कहा कि “यह काम साधु-संतों का है। अब एक एयर मार्शल, जो हवाई जहाज उड़ाते हैं, वे RSS के जाल में फंस गए हैं। क्या उन्हें भी आखिर में बेइज्जत करके निकाल दिया जाएगा? यह कैसा तमाशा है?”

कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि “मंदिर का काम मंदिर से जुड़े लोगों पर ही छोड़ देना चाहिए। अब जब RSS को राम मंदिर प्रोजेक्ट में पैसा नजर आ रहा है, तो वे इसे लालच भरी नजरों से देख रहे हैं।”

कश्मीरी पंडितों को धमकियों पर भी बोले मसूद

जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को कथित तौर पर मिल रही धमकियों के सवाल पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने पर आतंकवादी हमले, धमकियां और नफरत फैलाने जैसी घटनाएं सामने आने लगती हैं।

उन्होंने कहा, “चुनाव आने वाले हैं और हमला भी हो सकता है। आतंकवादी हमले, धमकियां और नफरत फैलाना, ये सब चुनाव के समय ही सामने आते हैं और इससे फायदा किसे होता है? जिसे फायदा होता है, वही इसके लिए जिम्मेदार होता है।”

पहली बार नियुक्त हुआ राम मंदिर का CEO

राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति मंदिर की बढ़ती प्रशासनिक और संचालन संबंधी जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है। रिटायर्ड एयर मार्शल के तौर पर उनके प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।

हालांकि, नियुक्ति के बाद सामने आया इमरान मसूद का बयान अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। एक तरफ ट्रस्ट की ओर से इसे मंदिर प्रबंधन को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है, वहीं कांग्रेस नेता ने नियुक्ति और मंदिर परियोजना के संचालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।