असम में कांग्रेस को बड़ा झटका, भूपेन बोरा और रिपुन बोरा ने छोड़ी पार्टी
New Delhi : असम में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को करारा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना त्यागपत्र भेजा है और पार्टी की सभी प्राथमिक सदस्यता तथा पदों से अलग होने की घोषणा की है। इसके साथ ही पूर्व राज्यसभा सांसद और असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रिपुन बोरा ने भी पार्टी छोड़ दी है।
भूपेन बोरा ने क्या कहा?
मीडिया से बात करते हुए भूपेन बोरा ने कहा कि मैंने इस्तीफा क्यों दिया, इस पर बात करना मुझे जरूरी नहीं लगता। मैंने आज सुबह 8 बजे कांग्रेस आलाकमान को अपना इस्तीफा भेज दिया और विस्तार से बताया कि मुझे यह कदम उठाने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि जब भी जरूरी लगा, वह विस्तार से बताएंगे। बोरा ने यह भी बताया कि अखिल गोगोई और लुरिन गोगोई ने उनसे संपर्क किया है और कहा है कि उनके दरवाजे खुले हैं। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कॉल नहीं किया, लेकिन CPI(M) ने संपर्क किया है।
बोरा ने कांग्रेस हाईकमान की अनदेखी और राज्य इकाई में उचित स्थान न मिलने का आरोप लगाया है। उन्होंने माजुली यात्रा को लेकर भी असम कांग्रेस में उठे विवाद का जिक्र किया और कहा कि जब पार्टी यह भी तय नहीं कर पा रही कि माजुली यात्रा में उनके साथ कौन रहेगा, तो पार्टी के भविष्य पर सोचना होगा।
कौन हैं भूपेन बोरा?
भूपेन बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष रहे। पिछले साल उनकी जगह गौरव गोगोई को अध्यक्ष बनाया गया। बोरा असम से दो बार विधायक रह चुके हैं और पार्टी में काफी प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार पूर्व राज्यसभा सांसद और असम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रिपुन बोरा ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
यह घटना असम में कांग्रेस के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। पार्टी पहले से ही संगठनात्मक कमजोरी और आंतरिक कलह से जूझ रही है। BJP और अन्य विपक्षी दल इस स्थिति का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं। अभी तक कांग्रेस हाईकमान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।