{"vars":{"id": "130921:5012"}}

1 नवंबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन की महारैली, 5 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य; BJP ने उठाए तारीख पर सवाल

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की महारैली होगी। कांग्रेस ने पांच लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। हरियाणा को एक लाख और यूपी समेत अन्य राज्यों को 50-50 हजार लोगों की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने रैली की तारीख पर सवाल उठाए हैं।

 

नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। कांग्रेस इस रैली को सफल बनाने के लिए तैयारियों में जुटी है और दिल्ली के साथ-साथ आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोगों को लाने की रणनीति बनाई गई है। नेताओं को रैली में पांच लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य दिया गया है। इस बीच भाजपा ने रैली की तारीख को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है।

हरियाणा को एक लाख, यूपी समेत अन्य राज्यों को 50-50 हजार का लक्ष्य

कांग्रेस ने रैली में भीड़ जुटाने के लिए अलग-अलग राज्यों के नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। हरियाणा कांग्रेस को एक लाख लोगों को लाने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से 50-50 हजार लोगों को जुटाने के लिए कहा गया है।

दिल्ली के अलावा राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के नेताओं को भी लोगों को रैली तक लाने की जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस की कोशिश है कि रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटें और दिल्ली में भी पार्टी की मौजूदगी दिखाई दे।

रैली की तैयारियों के लिए कांग्रेस ने सात पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए हैं। इनमें कृष्णा तीरथ और नदीम जावेद जैसे नेता शामिल हैं।

केसी वेणुगोपाल ने की बैठक, 26 अक्टूबर को फिर जुटेंगे नेता

रैली की तैयारियों को लेकर कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के नेताओं के साथ बैठक की। इसके बाद 26 अक्टूबर को दिल्ली में एक और बैठक बुलाई गई है।

इस बैठक में कांग्रेस के महासचिवों, राज्यों के प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों, विधायक दल के नेताओं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की योजना है। बैठक में रैली की तैयारियों और लोगों की भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

30 अक्टूबर को अशोका होटल में मॉक पार्लियामेंट

रामलीला मैदान में रैली से पहले 30 अक्टूबर को दिल्ली के अशोका होटल में विपक्षी सांसद मॉक पार्लियामेंट आयोजित करेंगे। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया का प्रतीकात्मक आयोजन किया जाएगा। INDIA गठबंधन के सभी घटक दलों के इसमें हिस्सा लेने की बात कही गई है।

आयोजन के लिए करीब 800 लोगों की सूची तैयार की गई है। इसमें दोनों सदनों के सांसदों के अलावा सिविल सोसाइटी के लोगों को भी शामिल करने की योजना है। इसके लिए कांग्रेस की ओर से डीसीपी और पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन से अनुमति मांगी गई है।

आयोजन को संसद की कार्यवाही के प्रारूप पर करने की तैयारी है। इसके लिए लोकसभा और राज्यसभा में सांसदों की संख्या के हिसाब से अतिथियों को आमंत्रित करने की योजना बनाई गई है।

रैली की तारीख पर रविशंकर प्रसाद ने उठाए सवाल

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने 1 नवंबर को रैली आयोजित करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह तारीख सिख समुदाय के लिए भावनात्मक महत्व रखती है, क्योंकि 1984 के सिख विरोधी दंगों में इसी तारीख से जुड़ी घटनाओं की यादें आज भी मौजूद हैं।

रविशंकर प्रसाद ने सवाल किया कि राहुल गांधी इसी दिन रैली करने पर क्यों अड़े हैं और क्या इससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी तारीख बदलने की मांग पर सहमत नहीं हुए, जबकि गठबंधन के कुछ सहयोगी दल तारीख बदलना चाहते हैं।

भाजपा नेता ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के संदर्भ में राहुल गांधी के परिवार और कांग्रेस से जुड़े पुराने बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने राहुल गांधी के पुराने बयान ‘बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती कांपती है’ को लेकर भी निशाना साधा।

इस तरह एक ओर कांग्रेस 1 नवंबर की रैली को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने आयोजन की तारीख को लेकर राजनीतिक सवाल उठाए हैं।