भारत बना ग्लोबल निवेशकों की पहली पसंद, कैसे बना एशिया का नंबर-1 देश
मैकिन्से सर्वे के अनुसार भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। 31% वैश्विक निवेशकों ने भारत को शीर्ष निवेश गंतव्य चुना है। टेक्नोलॉजी, वित्तीय सेवाएं और आईटी सेक्टर में निवेश तेजी से बढ़ रहा है।
भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एशिया-प्रशांत क्षेत्र का सबसे आकर्षक बाजार बनकर उभरा है। मैकिन्से के ताजा सर्वे के मुताबिक, सीमित साझेदारों (Limited Partners) ने निवेश के लिए भारत को सबसे पसंदीदा गंतव्य बताया है। सर्वे में शामिल 31 फीसदी निवेशकों ने भारत को अपनी पहली पसंद बताया, जबकि 76 फीसदी ने इसे शीर्ष तीन निवेश विकल्पों में शामिल किया।
एशिया-प्रशांत निवेश में भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, एशिया-प्रशांत क्षेत्र के कुल निवेश में भारत की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 21 फीसदी हो गई है, जो पहले 12 फीसदी थी। यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र के अन्य बाजार भू-राजनीतिक और आर्थिक दबावों के कारण सुस्ती का सामना कर रहे हैं।
निजी इक्विटी और वेंचर कैपिटल निवेश में बड़ी छलांग
भारत में निजी इक्विटी और वेंचर कैपिटल निवेश 2016-20 की तुलना में 2021-25 के दौरान 1.6 गुना बढ़कर 207 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। रिपोर्ट बताती है कि भारत अब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कुल निवेश का एक-तिहाई से अधिक आकर्षित कर रहा है।
यूरोपीय निवेशकों का बढ़ा भरोसा
भारत में विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुल निवेश में यूरोपीय निवेशकों की हिस्सेदारी 60 फीसदी तक पहुंच गई है। वहीं 50 फीसदी से अधिक निवेशक आने वाले समय में भारत में अपना निवेश बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा निवेश
वर्ष 2021-25 के दौरान भारत में सर्वाधिक निवेश टेक्नोलॉजी, वित्तीय सेवाओं और आईटी सेवाओं में दर्ज किया गया।
• टेक्नोलॉजी: 29%
• वित्तीय सेवाएं: 15%
• आईटी सेवाएं: 13%
चुनौतियां भी बरकरार
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के सामने मुद्रा जोखिम, जटिल कर व्यवस्था, व्यापारिक प्रक्रियाओं की कठिनाई और अनुबंध लागू करने जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियामकीय सुधारों और पूंजी बाजार में पारदर्शिता बढ़ने से निवेश में और तेजी आ सकती है।
भारत की आर्थिक ताकत पर बढ़ा वैश्विक भरोसा
विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत आर्थिक विकास, विशाल उपभोक्ता बाजार, तेजी से बढ़ता डिजिटल इकोसिस्टम और सरकारी सुधार भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद बाजार बना रहे हैं।