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CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में विपक्ष एकजुट, राहुल गांधी के साथ दिखे अखिलेश और ममता; जानें रैली में क्या हुआ

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत विपक्षी नेता शामिल हुए। रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर सवाल उठाए गए। बीजेपी ने भी जवाबी मार्च निकालकर विपक्ष पर निशाना साधा।

 

INDIA Bloc Rally: दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी INDIA गठबंधन ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के जरिए अपनी ताकत दिखाई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए दिल्ली और हरियाणा में जवाबी मार्च निकाला।

राहुल गांधी के साथ खुले बस में पहुंचे विपक्षी नेता

रैली से पहले INDIA गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर जुटे। यहां से राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत विपक्षी नेता खुली बस में सवार होकर मिंटो रोड पहुंचे। इसके बाद नेताओं ने रामलीला मैदान की ओर मार्च किया।

इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले समेत कई नेता भी मौजूद रहे। रास्ते में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक झंडे व तख्तियां लेकर पहुंचे। रामलीला मैदान में भी सुबह से ही लोगों का जुटना शुरू हो गया था।

SIR और वोटर लिस्ट को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल

INDIA गठबंधन की रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR रहा। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। गठबंधन ने इसे चुनावी अनियमितताओं से जोड़ते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रैली से पहले आरोप लगाया कि मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी सूची को साफ करने के नाम पर वास्तविक मतदाताओं के नाम नहीं हटने चाहिए। थरूर के मुताबिक, किसी एक-दो मृत व्यक्ति का नाम सूची में रह जाना, बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने से बेहतर है। यह आंकड़ा विपक्ष की ओर से लगाया गया आरोप है।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी रैली से पहले बीजेपी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने 1.27 करोड़ वोटों के गायब होने का दावा करते हुए सवाल उठाया कि यह आंकड़ा कहां से आया। अखिलेश ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए।

4000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात, 200 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी

रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। रामलीला मैदान और मार्च के रास्ते पर 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियां तैनात की गईं। सुरक्षा के लिए मैदान को 14 जोन में बांटा गया था।

इसके अलावा 200 से अधिक CCTV कैमरों, ड्रोन और पुलिसकर्मियों के बॉडी-वॉर्न कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई। सेंट्रल दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए। पुलिस के मुताबिक, रामलीला मैदान में लगभग 45 से 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था हो सकती है।

राहुल गांधी ने दुकानदारों से खरीदारी की भी की अपील

रैली से पहले दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने आशंका जताई थी कि प्रदर्शन और यातायात प्रतिबंधों के कारण त्योहारों के मौसम में कारोबार प्रभावित हो सकता है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली के कारण दिल्ली के करीब 20 बाजारों में कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई थी। संगठन के मुताबिक, इससे 10 से 12 हजार करोड़ रुपये के व्यापार पर असर पड़ सकता है।

इसके जवाब में राहुल गांधी ने रैली में आने वाले लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने के साथ स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि इससे दिल्ली के छोटे व्यापारियों को मदद मिलेगी। हालांकि, रैली के दिन राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कनॉट प्लेस में BJP ने दुकानदारों की दुकानें जबरन बंद करवा दीं। यह आरोप उन्होंने सोशल मीडिया पर लगाया।

BJP ने भी निकाला जवाबी मार्च, राहुल गांधी पर लगाए आरोप

INDIA गठबंधन की रैली के बीच बीजेपी ने भी जवाबी प्रदर्शन किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और अन्य नेताओं के साथ ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च में हिस्सा लिया। इस दौरान नेताओं ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में मारे गए लोगों की याद में सिर पर काली पट्टी बांधी।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने हरियाणा के रोहतक में इसी तरह के मार्च में हिस्सा लिया। उन्होंने राहुल गांधी पर देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और पीयूष गोयल ने भी INDIA गठबंधन की रैली को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रैली की तारीख और त्योहारों के दौरान कारोबार पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर कांग्रेस की आलोचना की।

शशि थरूर ने कहा- लोगों का CEC पर भरोसा कम हुआ

रामलीला मैदान में रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोगों का CEC पर भरोसा कम हुआ है और मतदाताओं को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने रैली को विपक्षी एकता का प्रदर्शन बताया। वहीं, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा कि विपक्ष बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रैली में शामिल नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग दोहराई।

इस तरह रामलीला मैदान की रैली में INDIA गठबंधन ने SIR और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं, बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताते हुए जवाबी प्रदर्शन किया। दोनों पक्षों के बीच चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज रही।