{"vars":{"id": "130921:5012"}}

भारत ने रेल टेक्नोलॉजी में मारी बड़ी छलांग, 2027 में दौड़ेगी स्वदेशी बुलेट ट्रेन

 

Bengaluru : भारत ने रेल तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगाई है। केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बेंगलुरु में BEML Limited के ‘आदित्य प्लांट’ का उद्घाटन किया, जिसके साथ ही देश की पहली स्वदेशी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन ‘B-28’ के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो गई है।

2027 तक तैयार होगा पहला ट्रेनसेट

इस परियोजना के तहत 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम दो हाई-स्पीड ट्रेनसेट बनाए जाएंगे। इनमें से पहला ट्रेनसेट मार्च 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है, जबकि अगस्त 2027 तक इसके परिचालन की संभावना जताई जा रही है।

2024 में मिला था कॉन्ट्रैक्ट

यह प्रोजेक्ट अक्टूबर 2024 में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई द्वारा BEML को दिए गए अनुबंध के तहत शुरू हुआ था। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 866.87 करोड़ रुपये है। ट्रेन के डिजाइन और निर्माण में ICF और BEML मिलकर काम कर रहे हैं।

शुरुआती चरण में इस ट्रेन को सूरत और वापी के बीच लगभग 97 किलोमीटर लंबे रूट पर चलाने की योजना है। यह रूट Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Corridor का हिस्सा है।

क्या होंगी खासियतें?

- पूरी तरह एसी चेयर-कार कोच

- 360 डिग्री घूमने और झुकने वाली सीटें

- ऑनबोर्ड इंफोटेनमेंट सिस्टम

- विश्वस्तरीय सुविधाएं और आरामदायक यात्रा अनुभव

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

यह प्रोजेक्ट भारत को हाई-स्पीड रेल टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे जापान जैसे देशों पर निर्भरता कम होगी और देश में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।

इस पहल के साथ भारत वैश्विक स्तर पर हाई-स्पीड रेल नेटवर्क वाले देशों की श्रेणी में मजबूती से अपनी जगह बनाने की ओर बढ़ रहा है।