{"vars":{"id": "130921:5012"}}

इंटरनेट बंद, फिर भी कैसे पहुंच रहे मैसेज? जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच इस ऐप की चर्चा तेज, जानिए कैसे करता है काम
 

 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर CJP का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी संगठन का कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार फिलहाल जंतर-मंतर क्षेत्र की स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान एक सवाल लगातार चर्चा में बना हुआ है कि इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति में प्रदर्शनकारी आपस में कैसे संपर्क बनाए हुए हैं।

Bitchat ऐप को लेकर चर्चा, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं

सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी Bitchat नाम के एक ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि ऐसे ऐप्स और उनसे जुड़े दावों की जांच की जा रही है।

कैसे काम करता है ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप?

Bitchat जैसे ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर नहीं होते। ये Bluetooth Low Energy (BLE) तकनीक के जरिए आसपास मौजूद अन्य स्मार्टफोन से कनेक्ट होते हैं। जब कई डिवाइस आपस में जुड़ते हैं, तो वे मिलकर एक Mesh Network तैयार कर लेते हैं।

इस नेटवर्क में यदि कोई यूजर किसी दूसरे यूजर को संदेश भेजता है, तो वह संदेश बीच में मौजूद अन्य डिवाइसों के जरिए आगे बढ़ता रहता है और अंततः अपने गंतव्य तक पहुंच जाता है। इस प्रक्रिया में हर फोन एक छोटे रिले पॉइंट की तरह काम करता है।

ज्यादा यूजर, ज्यादा दूरी तक मैसेज

Mesh Network की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जितने अधिक लोग जुड़े होंगे, संदेश उतनी ही लंबी दूरी तक पहुंच सकता है। यही वजह है कि इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध न होने की स्थिति में भी सीमित दायरे में आपसी संचार संभव हो सकता है।

Bitchat ही नहीं, कई और विकल्प भी मौजूद

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, Bitchat के अलावा Android और iPhone के लिए कई अन्य ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप भी उपलब्ध हैं, जो Bluetooth या Wi-Fi Direct के माध्यम से बिना इंटरनेट के संदेश भेजने की सुविधा देते हैं। ऐसे ऐप्स का उपयोग अक्सर प्राकृतिक आपदा, नेटवर्क फेल होने या दूरदराज के इलाकों में संचार बनाए रखने के लिए किया जाता है।

पुलिस जांच जारी, दावों की पुष्टि बाकी

फिलहाल यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में Bitchat या किसी अन्य ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस तरह के कई दावे और वीडियो सामने आए हैं, जिनकी जांच दिल्ली पुलिस कर रही है। ऐसे में जब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, इन दावों को सत्यापित नहीं माना जा सकता।