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26/11 हमले की आपबीती सुनाने वाले ताज होटल के सुरक्षा प्रमुख से रुबियो की मुलाकात, जयशंकर ने क्यों कराई बात?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई के ताज होटल में 26/11 हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एस. जयशंकर ने उनकी मुलाकात होटल के सुरक्षा प्रमुख सुनील कुड्यादी से कराई। कुड्यादी ने आतंकियों के हमले, करीब 60 घंटे की घेराबंदी और कर्मचारियों की मौत की जानकारी साझा की।

 

नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुंबई दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उन्हें 26/11 मुंबई आतंकी हमले की प्रत्यक्ष जानकारी देने के लिए ताज होटल के सुरक्षा प्रमुख सुनील कुड्यादी से मिलवाया। कुड्यादी उस समय होटल में मौजूद थे, जब लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने ताज होटल को करीब 60 घंटे तक अपने कब्जे में रखा था। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने रुबियो को हमले की भयावह घटनाओं के बारे में बताया। 

रुबियो ने सुनी 26/11 हमले की पूरी कहानी

20 अक्टूबर को मुंबई के ताज महल पैलेस होटल स्थित 26/11 स्मारक पर मार्को रुबियो ने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद एस. जयशंकर ने उनकी मुलाकात सुनील कुड्यादी से कराई, जो हमले के समय होटल की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े थे।

जयशंकर ने रुबियो को बताया कि कुड्यादी उस समय होटल में मौजूद थे। इसके बाद कुड्यादी ने हमले से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आतंकी आधी रात के आसपास होटल में घुसे थे और रसोई के रास्ते छठी मंजिल तक पहुंचे थे। जयशंकर ने भी रसोई में कई लोगों के मारे जाने का जिक्र किया।

कुड्यादी के मुताबिक, होटल में आतंकियों का कब्जा करीब 60 घंटे तक रहा। इस दौरान होटल के 31 कर्मचारी और प्रशिक्षु मारे गए। हमले के समय होटल में बड़ी संख्या में मेहमान मौजूद थे, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल थे। 

26/11 हमले में गई थी 166 लोगों की जान

26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमलों में कुल 166 लोगों की मौत हुई थी। इनमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे। ताज महल पैलेस होटल उन प्रमुख स्थानों में से एक था, जिन्हें आतंकियों ने निशाना बनाया था।

हमले के दौरान होटल के कर्मचारी मेहमानों की मदद के लिए वहां डटे रहे। सुनील कुड्यादी ने भी संकट के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व केंद्रीय गृह सचिव राम प्रधान की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट में कुड्यादी को उन लोगों में शामिल किया गया था, जिनके योगदान को व्यापक पहचान नहीं मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, होटल की जटिल बनावट की जानकारी होने के कारण सुरक्षा अभियान में उनका मार्गदर्शन महत्वपूर्ण था। 

पाकिस्तान के साथ अमेरिकी संबंधों के बीच मुलाकात के मायने

मार्को रुबियो को कुड्यादी से मिलवाने के घटनाक्रम को भारत की कूटनीतिक रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन पाकिस्तान के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंध मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है। ऐसे समय में 26/11 हमले के प्रत्यक्षदर्शी से रुबियो की बातचीत ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे को फिर सामने रखा।

हालांकि, इस मुलाकात के दौरान जयशंकर और रुबियो के बीच पाकिस्तान को लेकर किसी विशेष बातचीत का स्पष्ट विवरण सामने नहीं आया। लेकिन हमले की प्रत्यक्ष जानकारी साझा करने से 26/11 की घटनाओं और उसके पीड़ितों को याद करने का अवसर मिला। 

तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं मार्को रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए हैं। मुंबई में उन्होंने एस. जयशंकर के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों सहित द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

रुबियो ने ताज होटल में श्रद्धांजलि देने के बाद सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका 26 नवंबर 2008 के हमलों में जान गंवाने वालों को याद करता है और हमले के दौरान साहस दिखाने वाले लोगों का सम्मान करता है। उन्होंने भारत और अमेरिका की साझेदारी तथा आतंकवाद से मुकाबले की साझा प्रतिबद्धता को भी दोहराया।