{"vars":{"id": "130921:5012"}}

खामेनेई की मौत पर सीएम उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान, बोले- वह ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं, लेकिन...

 
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर हुए हमले और उनकी मौत की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि वह ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं, लेकिन कश्मीर के लोगों से अपील की कि वे भावनाओं में बहकर किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न करें।

बताया जा रहा है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए संयुक्त हमले में खामेनेई की मौत हो गई थी। इस घटनाक्रम के बाद कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं।

‘सरकार बदलने का अधिकार सिर्फ जनता को’

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “किसी भी देश की सरकार बदलने का अधिकार वहां की जनता को है, बाहर से किसी को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। अगर किसी देश के नेता को इस तरह निशाना बनाना सही माना जाए, तो फिर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का क्या होगा?”

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इस तरह की कार्रवाई को सही ठहराया जाए तो भविष्य में कोई भी देश किसी दूसरे देश में ऐसी कार्रवाई को उचित ठहरा सकता है, जो वैश्विक शांति के लिए खतरनाक संकेत है।

शिया समुदाय में आक्रोश

खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर समेत देश के अन्य हिस्सों में शिया समुदाय के लोगों में आक्रोश देखा गया। श्रीनगर के लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में विरोध-प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों को अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाते और अपना विरोध दर्ज कराते देखा गया।

शांति बनाए रखने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 15 लाख शिया समुदाय के लोग रहते हैं और सभी से शांति व संयम बनाए रखने की अपील की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उमर अब्दुल्ला ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ईरान में रह रहे जम्मू-कश्मीर के छात्रों और अन्य नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि जरूरत पड़ने पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।