LIC Fraud Case: अनिल अंबानी के खिलाफ FIR, हजारों करोड़ के निवेश में गड़बड़ी का आरोप
CBI ने अनिल अंबानी और रिलायंस कम्यूनिकेशंस के खिलाफ 3750 करोड़ रुपये के LIC घोटाले में FIR दर्ज की है। आरोप है कि NCD निवेश के जरिए LIC को भारी नुकसान पहुंचाया गया। मामले में कुछ सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
LIC Fraud Case: भारत के प्रमुख उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 3750 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में नई FIR दर्ज की है। इस मामले में रिलायंस कम्यूनिकेशंस (RCom), उसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी और कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
LIC को 3750 करोड़ रुपये का नुकसान
CBI के अनुसार, यह मामला लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के निवेश से जुड़ा है। LIC ने रिलायंस कम्यूनिकेशंस द्वारा जारी सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) में कुल 4500 करोड़ रुपये का निवेश किया था- 3000 करोड़ रुपये (2009), 1500 करोड़ रुपये (2012)। लेकिन इसमें से करीब 3750 करोड़ रुपये अब तक बकाया हैं, जिससे LIC को भारी नुकसान हुआ है।
क्या हैं आरोप?
CBI द्वारा दर्ज FIR के मुताबिक, यह शिकायत LIC के रीजनल मैनेजर (लीगल) मनोज कुमार तेजन द्वारा की गई है। आरोप है कि निवेश प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं हुईं और जानबूझकर ऐसे फैसले लिए गए, जिससे LIC को आर्थिक नुकसान पहुंचा।
सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। CBI अब यह जांच कर रही है कि इस पूरे निवेश में किन-किन स्तरों पर गड़बड़ी हुई और कौन इसके लिए जिम्मेदार है।
गहराई से जांच में जुटी CBI
CBI ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी रकम के डूबने के पीछे क्या कारण थे और क्या इसमें किसी तरह की साजिश या मिलीभगत शामिल थी।