अगर आप दूध पीते हैं तो ये खबर जरूर पढ़ें! डिटर्जेंट-केमिकल मिलाकर महाराष्ट्र में बेच रहे थे निकली दूध, ऐसे हुआ खुलासा
महाराष्ट्र में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने सिंथेटिक दूध और मिलावटखोरी के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाया है। कार्रवाई में नकली दूध बनाने वाली इकाइयों का खुलासा हुआ है। डिटर्जेंट, केमिकल और घटिया मिल्क पाउडर से दूध तैयार कर बाजार में सप्लाई किए जाने का मामला सामने आया है।
Maharashtra Fake Synthetic Milk: महाराष्ट्र में नकली और मिलावटी दूध के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने व्यापक अभियान चलाकर सिंथेटिक दूध बनाने वाली कई अवैध इकाइयों का भंडाफोड़ किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि घटिया मिल्क पाउडर, डिटर्जेंट, पाम ऑयल और अन्य रसायनों की मदद से नकली दूध तैयार कर उसे असली दूध में मिलाकर बाजार में बेचा जा रहा था। इस कार्रवाई ने पूरे डेयरी नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया है।
FDA कमिश्नर के आते ही शुरू हुआ बड़ा अभियान
राज्य में 25 मई 2026 को FDA आयुक्त का कार्यभार संभालने के बाद आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने पूरे डेयरी सप्लाई चेन पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए। इसके बाद दूध उत्पादकों, डेयरियों, ट्रांसपोर्टरों, थोक विक्रेताओं, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ राज्यभर में बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान शुरू किया गया।
कैसे तैयार हो रहा था सिंथेटिक दूध?
जांच में सामने आया कि गिरोह निम्न गुणवत्ता वाले मिल्क पाउडर को खरीदकर उसमें डिटर्जेंट, पाम ऑयल और अन्य रासायनिक पदार्थ मिलाता था। इसके बाद तैयार सिंथेटिक दूध को असली दूध में मिलाकर बाजार में सप्लाई किया जाता था ताकि गुणवत्ता का पता आसानी से न चल सके। अधिकारियों का कहना है कि यह सीधे तौर पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ है।
करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार उजागर
प्रारंभिक जांच के अनुसार पिछले कुछ महीनों में 23 लाख लीटर से अधिक सिंथेटिक दूध तैयार कर बाजार में पहुंचाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 9.2 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि कई आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
नामी ब्रांडों की सप्लाई भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि कुछ मामलों में लोकप्रिय दूध ब्रांडों के पैकेटों से असली दूध निकालकर उसमें मिलावटी तरल भरकर दोबारा सील कर बाजार में बेचा जा रहा था। इस पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है और कई अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की जा रही है।
'दूध से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं'
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि दूध केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं बल्कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों के लिए पोषण का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में दूध में मिलावट करना लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पूरे राज्य में जारी रहेगी कार्रवाई
FDA ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी एक जिले तक सीमित नहीं रहेगा। पूरे महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली डेयरियों, प्रोसेसिंग यूनिटों और अन्य खाद्य कारोबारियों के खिलाफ लगातार जांच और कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।