{"vars":{"id": "130921:5012"}}

महाराष्ट्र: महानगरपालिका चुनाव से पहले लाडकी बहिन योजना कटघरे में, मुख्य सचिव से मांगा जवाब

 

Mumbai : महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले 29 महानगरपालिका चुनावों से ठीक पहले लाडकी बहिन योजना की दो किस्तों (दिसंबर 2025 और जनवरी 2026) को एक साथ जारी करने के सरकारी फैसले ने विवाद खड़ा कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता के संभावित उल्लंघन के आरोपों के बीच मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल से सोमवार (12 जनवरी) सुबह 11 बजे तक विस्तृत रिपोर्ट मांग ली है।

विपक्ष की शिकायत और आयोग का पत्र

कांग्रेस की राज्य इकाई के नेता एवं वकील संदेश कोंडविलकर ने शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में दावा किया गया कि राज्य सरकार मकर संक्रांति (14 जनवरी) से ठीक पहले दो महीने की सहायता राशि (कुल 3,000 रुपये) लाभार्थियों के खातों में जमा करने जा रही है, जो मतदान से महज एक दिन पहले है। कांग्रेस ने इसे महिला मतदाताओं को प्रलोभन देने का स्पष्ट प्रयास करार देते हुए आयोग से इस भुगतान पर रोक लगाने की मांग की थी।

सूत्रों के अनुसार, आयोग ने रविवार (11 जनवरी) को मुख्य सचिव को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा। पत्र में पूछा गया है कि क्या सरकार वाकई चुनाव से ठीक पहले दो महीने की किश्तें एक साथ जारी करने का इरादा रखती है। आयोग ने सोमवार सुबह 11 बजे तक जवाब देने को कहा है।

भाजपा नेता ने किया था सोशल मीडिया पर ऐलान

विवाद की शुरुआत पिछले सप्ताह एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसमें भाजपा नेता और राज्य के मंत्री गिरीश महाजन ने लिखा था कि दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की किस्तें मिलाकर 3,000 रुपये की सहायता राशि मकर संक्रांति से पहले पात्र महिलाओं के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। इस पोस्ट ने विपक्ष को हमलावर बनाने का मौका दिया।

मुख्यमंत्री फडणवीस का बचाव

विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि लाडकी बहिन योजना राज्य सरकार की सतत योजना है और यह आदर्श आचार संहिता के प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आती। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की सहायता मिलती है और इसका समय-समय पर भुगतान नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है।

हालांकि कांग्रेस महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पार्टी योजना के विरोध में नहीं है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले दो महीने की राशि एक साथ जारी करना आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने इसे मतदाता प्रलोभन करार दिया।

योजना का महत्व और विवाद का कारण

लाडकी बहिन योजना महायुति सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक सहायता दी जाती है। 2024 के विधानसभा चुनावों में इस योजना को महायुति की जीत का बड़ा कारण माना गया था। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव से ठीक पहले दो किस्तों का भुगतान मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है।

आयोग की भूमिका

राज्य निर्वाचन आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत रिपोर्ट मांगी है। आयोग का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले किसी भी ऐसी योजना का लाभ वितरण आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हो सकता है। मुख्य सचिव से मांगी गई रिपोर्ट में भुगतान के समय, प्रक्रिया और आचार संहिता के पालन की पूरी जानकारी मांगी गई है।