MP के बरगी डैम में बड़ा हादसा: 9 की मौत, कई अब भी लापता, मां से लिपटा मिला 4 साल का बेटा
जबलपुर: बरगी डैम में पर्यटन विभाग के क्रूज पर गुरुवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच सवार पर्यटकों के साथ बड़ा हादसा हो गया। तेज आंधी और तूफान के कारण क्रूज अचानक अनियंत्रित होकर डूब गया। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। प्रशासन के अनुसार 9 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं।
हादसा डैम के किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ। SDRF की टीम ने शुरुआती बचाव अभियान में कई लोगों को निकाला, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम के कारण रेस्क्यू कार्य प्रभावित रहा। शुक्रवार सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन फिर से तेज कर दिया गया है।
दिल दहला देने वाली घटना
दिल्ली से घूमने आए परिवार की मां मरिना मैसी और उनके 4 वर्षीय बेटे त्रिशान की मौत हो गई। बचाव दल ने शुक्रवार सुबह दोनों के शव एक-दूसरे को बाहों में जकड़े हुए निकाले। मां ने अपने बच्चे को अपनी लाइफ जैकेट के अंदर मजबूती से समेट रखा था। परिवार के पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचा पाए।
मृतकों में शामिल
- श्रीमती नीतू सोनी (43), जबलपुर
- श्रीमती सौभाग्यम अलागन (42), तमिलनाडु
- श्रीमती मधुर मैसी (62), नई दिल्ली
- श्रीमती करकुलाझी (38), खमरिया, जबलपुर
- श्रीमती रेशमा सैयद (66)
- सयदा अमीन फातिमा (68)
- मरिना मैसी एवं पुत्र त्रिशान (4 वर्ष)
- श्रीमती ज्योति सेन, जबलपुर
बचाव कार्य जारी
सेना, SDRF, NDRF, हैदराबाद से स्पेशल टीम और हेलिकॉप्टर तथा कोलकाता से पैरामिलिट्री फोर्स की विशेष टीम को मौके पर तैनात किया गया है। हाइड्रॉलिक मशीनों और पोक्लेन की मदद से 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को निकालने की कोशिश की जा रही है।
क्रूज पायलट महेश (10 वर्ष का अनुभव) ने बताया, “सुरक्षा के इंतजाम थे, लेकिन अचानक 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आई तेज आंधी के कारण क्रूज अनियंत्रित हो गया। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।”
अन्य महत्वपूर्ण बातें
- क्रूज 2006 में बना 20 साल पुराना था और इसकी क्षमता 60 यात्रियों की बताई जा रही है।
- अधिकांश यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी।
- खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज आर्य के परिवार के 15 सदस्य क्रूज पर सवार थे। उनमें से कई अभी लापता हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दोपहर 4 बजे जबलपुर पहुंच सकते हैं, जबकि पर्यटन मंत्री *धर्मेंद्र लोधी* पहले ही मौके पर पहुंच चुके हैं।