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CBSE में बड़ा फेरबदल: OSM विवाद के बाद चेयरमैन और सचिव हटाए गए, जांच समिति गठित

 

New Delhi : ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बीच राहुल सिंह और हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है। इसके साथ ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद और उससे जुड़े मामलों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है।

संसदीय समिति ने मांगा जवाब

सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय से संबंधित संसद की स्थायी समिति की बैठक में CBSE चेयरमैन और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से OSM प्रणाली को लेकर कड़े सवाल पूछे गए।

समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने पूछा कि कॉपियों के मूल्यांकन की नई व्यवस्था लागू करने में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस व्यवस्था को पूरी तैयारी के बाद एक वर्ष बाद लागू नहीं किया जा सकता था।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कई महत्वपूर्ण प्रश्न लिखित रूप में दिए जाएंगे, जिनका विस्तृत जवाब देना होगा।

बैठक में छात्र ने भी उठाए सवाल

जानकारी के मुताबिक समिति की बैठक में एक छात्र को भी बुलाया गया था। छात्र ने मूल्यांकन प्रणाली और तकनीकी खामियों को लेकर कई बिंदु उठाए, जिससे अधिकारियों को जवाब देना पड़ा।

बैठक के दौरान भीम सिंह ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं तो उस छात्र को ही अपना सहायक बना लें।

सपा सांसद ने भी उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के सांसद ज़िया उर रहमान बर्क ने भी CBSE अधिकारियों से सवाल किया कि मूल्यांकन कार्य का ठेका ऐसी कंपनी को क्यों दिया गया, जिसके पास पर्याप्त अनुभव और तैयारी नहीं थी।

उन्होंने पूछा कि शिक्षकों को समय रहते पर्याप्त प्रशिक्षण क्यों नहीं दिया गया और इस पूरी प्रक्रिया में जल्दबाजी क्यों दिखाई गई।

जांच समिति करेगी पूरे मामले की समीक्षा

CBSE द्वारा गठित जांच समिति ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद, चयन प्रक्रिया, तकनीकी तैयारियों और मूल्यांकन व्यवस्था की समीक्षा करेगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।