ममता बनर्जी बोली CM पद से नहीं दूंगा इस्तीफा तो संबित पात्रा ने घेरा, बोले- लोकतंत्र का अपमान कर...
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। ममता बनर्जी ने हार के बावजूद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी हार के पीछे नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री और भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका रही है। ममता बनर्जी ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी, क्योंकि उनके अनुसार यह वास्तविक जनादेश नहीं है, बल्कि “साजिश” का परिणाम है।
भाजपा का तीखा पलटवार
ममता के बयान पर संबित पात्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “चिंताजनक” और “हास्यास्पद” बताया। पात्रा ने कहा कि भारत दुनिया में लोकतंत्र के लिए जाना जाता है और इस तरह के बयान संविधान की भावना के खिलाफ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य नेता हार के बाद शांतिपूर्वक इस्तीफा देते हैं, लेकिन ममता का रुख “एंटाइटलमेंट” को दर्शाता है।
अंबेडकर का जिक्र, लोकतंत्र पर जोर
संबित पात्रा ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में कोई भी नेता अपरिहार्य नहीं है। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान के अनुसार सत्ता परिवर्तन होना चाहिए।
उन्होंने ममता के विधानसभा न जाने वाले बयान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
ममता बनर्जी के आरोप क्या हैं?
ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम को “जनादेश नहीं बल्कि साजिश” करार दिया। उनके प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं:
- करीब 100 सीटों पर जनादेश “लूटे जाने” का दावा
- मतगणना प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप
- काउंटिंग की गति जानबूझकर धीमी रखने की बात
- चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप
उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई भाजपा से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग से थी।
चुनाव परिणाम क्या कहते हैं?
भारतीय जनता पार्टी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। इसके साथ ही राज्य में 15 साल से चल रहे तृणमूल कांग्रेस के शासन का अंत हो गया।
आगे क्या?
ममता बनर्जी ने संकेत दिया है कि वे इस परिणाम को स्वीकार नहीं करेंगी और संवैधानिक विकल्पों पर विचार करेंगी।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि यह सियासी टकराव आगे किस दिशा में जाता है और क्या मामला कानूनी या संवैधानिक स्तर तक पहुंचता है।