अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर हमले से भड़कीं ममता, बोलीं- दिल्ली में BJP नेताओं के घर देंगे धरना
कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में कथित तोड़फोड़ और लूटपाट के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत गरमा गई है। इस घटना को लेकर टीएमसी नेताओं में भारी नाराजगी है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को फेसबुक लाइव के जरिए करीब 29 मिनट तक लोगों को संबोधित किया और इस दौरान भाजपा के साथ-साथ कोलकाता पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए।
ममता ने दावा किया कि भाजपा के लोगों ने पुलिस को विश्वास में लेकर पार्टी कार्यालय में घुसकर दस्तावेज और जरूरी उपकरण उठा लिए और वहां मौजूद कुछ लोगों को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले बंद नहीं हुए, तो पार्टी दिल्ली में भाजपा नेताओं के आवास का घेराव करेगी और वहां धरना देगी। ममता ने बंगाल पुलिस और शेक्सपीयर थाना की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस की गतिविधियों पर वह नजर रख रही हैं और कई थानों के कामकाज को अपनी डायरी में दर्ज कर रही हैं।
वहीं, दिल्ली में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और सौगत रॉय ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यालय पर हमला करने वाले लोग पहले छठी मंजिल पर पहुंचे और कांच के दरवाजे तोड़कर अंदर दाखिल हुए। उनके मुताबिक, कुछ ही देर में कार्यालय में तोड़फोड़ शुरू हो गई और वहां मौजूद 3-4 सुरक्षाकर्मियों को भी कथित तौर पर अपने कब्जे में ले लिया गया।
महुआ ने दावा किया कि बदमाशों ने गार्डों के मोबाइल फोन छीन लिए और उन्हें धमकाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यालय में कंप्यूटर, फैक्स मशीन और प्रिंटर समेत कई सामान तोड़े गए, जबकि टीवी स्क्रीन, एयर प्यूरीफायर, लैपटॉप और कुछ दस्तावेज भी गायब हैं।
महुआ मोइत्रा के मुताबिक, घटना की जानकारी पुलिस को सुबह करीब 4:30 बजे दी गई थी, लेकिन आरोप है कि करीब दो घंटे तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद टीएमसी के वकील थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। महुआ ने कहा कि शिकायत के बाद पुलिस सक्रिय हुई और कार्यालय की सातवीं मंजिल पर पार्टी के लोगों को जाने से रोक दिया गया। पुलिस की ओर से छह लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, महुआ ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोग वही हैं या नहीं, इसकी उन्हें अभी पुष्टि नहीं है।