9 साल बाद टूटी ममता की पहचान! सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर लगी फुटबॉल मूर्ति हटाई गई
कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर लगी विवादित फुटबॉल मूर्ति को BJP सरकार ने हटवा दिया। ममता बनर्जी द्वारा डिजाइन की गई इस संरचना को लंबे समय से ‘भद्दा’ और ‘अजीब’ बताया जा रहा था। मंत्री निसिथ प्रमाणिक के बयान के कुछ दिनों बाद कार्रवाई की गई।
Salt Lake Stadium Statue Removed: कोलकाता के प्रतिष्ठित सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर वर्षों से लगी विवादित फुटबॉल मूर्ति आखिरकार हटा दी गई। शनिवार सुबह जैसे ही लोगों ने स्टेडियम के वीवीआईपी गेट के पास पहुंचकर देखा, वहां मौजूद वह चर्चित संरचना गायब थी, जिसे कभी पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहचान से जोड़कर देखा जाता था।
2017 में फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप से पहले लगाई गई यह मूर्ति शुरुआत से ही विवादों में रही थी। अब BJP सरकार ने इसे हटाकर बड़ा राजनीतिक और प्रतीकात्मक संदेश देने की कोशिश की है।
2017 में फीफा वर्ल्ड कप से पहले लगाई गई थी मूर्ति
यह विवादित संरचना सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर 2017 में स्थापित की गई थी। बताया जाता है कि इसका डिजाइन खुद ममता बनर्जी ने तैयार किया था। मूर्ति में शरीर के ऊपरी हिस्से के बिना केवल दो पैर और ऊपर फुटबॉल दिखाई गई थी।
इसके साथ ‘Biswa Bangla’ का लोगो भी लगा हुआ था, जिसे तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार का प्रमुख ब्रांडिंग प्रतीक माना जाता था।
हालांकि इसे फुटबॉल संस्कृति का प्रतीक बताकर स्थापित किया गया था, लेकिन बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इसे शुरुआत से ही “अजीब”, “भद्दा” और “स्टेडियम की सुंदरता बिगाड़ने वाला” बताया था।
मंत्री निसिथ प्रमाणिक के बयान के बाद हुई कार्रवाई
बंगाल में BJP सरकार बनने के बाद से ही इस संरचना को हटाने की चर्चा तेज थी। हाल ही में राज्य के खेल मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यह मूर्ति “ग्रोटेस्क” यानी बेहद भद्दी और अर्थहीन लगती है।
उन्होंने कहा था कि इतनी प्रतिष्ठित फुटबॉल विरासत वाले स्टेडियम के बाहर ऐसी संरचना रखना उचित नहीं है। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि सरकार जल्द कार्रवाई कर सकती है। शनिवार को आखिरकार प्रशासन ने मूर्ति को हटवा दिया।
शुभेंदु अधिकारी ने पहले ही दे दिए थे संकेत
बंगाल में BJP सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी इस मूर्ति को हटाने की बात कही थी। उन्होंने संकेत दिए थे कि राज्य में पिछली सरकार के कई “प्रतीकात्मक ढांचों” की समीक्षा की जाएगी। अब सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर की यह कार्रवाई राजनीतिक हलकों में भी काफी चर्चा का विषय बन गई है।
BJP नेताओं ने कहा- “खत्म हुआ एक बदसूरत दौर”
BJP नेता केया घोष ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आखिरकार स्टेडियम के सामने मौजूद “विकृत संरचना” हटा दी गई। वहीं मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने इसे तृणमूल कांग्रेस के “बुरे दौर” से भी जोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि मूर्ति लगने के बाद से ही तृणमूल सरकार के राजनीतिक हालात बिगड़ने लगे थे।
Messi Tour विवाद का भी हुआ जिक्र
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल Lionel Messi के भारत दौरे के दौरान सॉल्ट लेक स्टेडियम में भारी अव्यवस्था और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं। उस समय भी विपक्ष ने तत्कालीन प्रशासन और तृणमूल कांग्रेस पर सवाल उठाए थे। अब BJP नेताओं ने उस विवाद को भी इस मूर्ति और “पुरानी व्यवस्था” से जोड़कर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है।
फुटबॉल इतिहास से जुड़ा है सॉल्ट लेक स्टेडियम
सॉल्ट लेक स्टेडियम केवल एक खेल मैदान नहीं बल्कि भारतीय फुटबॉल का बड़ा प्रतीक माना जाता है। यहां ईस्ट बंगाल और मोहन बागान के ऐतिहासिक मुकाबले खेले गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई बड़े फुटबॉल इवेंट्स की मेजबानी कर चुका यह स्टेडियम लंबे समय से कोलकाता की फुटबॉल संस्कृति की पहचान रहा है। ऐसे में इसके बाहर लगी विवादित मूर्ति हमेशा बहस का विषय बनी रही।
अब मूर्ति हटने के बाद बंगाल की राजनीति में यह मुद्दा सिर्फ सौंदर्य या संरचना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे “ममता सरकार के प्रतीकों को हटाने” की नई राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।