मौलाना अरशद मदनी ने की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, मुस्लिम संगठनों ने भी किया समर्थन
New Delhi : बकरीद से पहले गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग ने नया राजनीतिक और सामाजिक विमर्श छेड़ दिया है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की ओर से उठाई गई इस मांग को अब कई प्रमुख मुस्लिम संगठनों का समर्थन मिलने लगा है।
मुस्लिम संगठनों का कहना है कि यदि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाता है, तो इससे गोकशी के मुद्दे पर राजनीति और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।
मुस्लिम संगठनों को एक मंच पर लाने की तैयारी
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने अरशद मदनी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सभी मुस्लिम संगठनों को एकमत करने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जल्द ही दिल्ली में विभिन्न मुस्लिम संगठनों की बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें एक साझा मांग-पत्र तैयार कर प्रधानमंत्री Narendra Modi समेत देश के शीर्ष नेतृत्व को सौंपा जाएगा।
रजवी ने कहा कि अगर सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करती है, तो पूरे देश में गोकशी को लेकर एक समान नीति लागू हो सकेगी और इसके नाम पर होने वाली हिंसा पर भी रोक लगेगी।
‘जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री से करेंगे मुलाकात’
ऑल इंडिया क़ुरैशी जमात के अध्यक्ष सिराज क़ुरैशी ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन लंबे समय से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करता रहा है।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर उनका प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से भी मुलाकात करेगा। सिराज कुरैशी ने आरोप लगाया कि अब तक किसी भी सरकार ने इस दिशा में ठोस पहल नहीं की है।
“सरकार की नीयत और नीति दोनों साफ होनी चाहिए”
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उचित है, लेकिन सरकार को इस मुद्दे पर ईमानदारी से काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में गोमांस खुले तौर पर बिकता है, जबकि कुछ जगहों पर गाय के नाम पर हिंसा होती है। ऐसे में सरकार की नीति पूरे देश में एक समान होनी चाहिए।
“सभी मुस्लिम संगठन साथ आएं”
ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कौसर हयात खान ने भी अरशद मदनी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यह तकनीकी रूप से सही मांग है।
उन्होंने कहा कि यदि सभी मुस्लिम संगठन एक मंच पर आकर इस मुद्दे को उठाएं, तभी यह आंदोलन प्रभावी रूप ले सकेगा।
देशभर में एक समान कानून की मांग
मौलाना खालिद रशीद और अन्य मुस्लिम धर्मगुरुओं ने पूरे देश में गोकशी कानून को लेकर एकरूपता की मांग की है। उनका कहना है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक समान कानून लागू होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक और सामाजिक संगठनों को इस दिशा में आगे आना चाहिए, ताकि विवाद और हिंसा की घटनाओं को रोका जा सके।
अरशद मदनी ने दोहराई पुरानी मांग
गौरतलब है कि मौलाना अरशद मदनी ने हाल ही में बयान जारी कर कहा था कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाए और गाय की खरीद-फरोख्त व मांस कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए।
उन्होंने यह भी कहा था कि मुसलमानों को इस मांग से कोई आपत्ति नहीं होगी, बल्कि इससे समाज में शांति और आपसी सौहार्द बढ़ेगा।