राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द
Jun 9, 2026, 19:21 IST
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप था कि नामांकन फॉर्म में आवश्यक जानकारी छिपाई गई है और एक मामले से जुड़ी जानकारी का उल्लेख नहीं किया गया। आपत्ति पर सुनवाई के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया।
विवेक तन्खा ने दी सफाई
मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उनके नामांकन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
तन्खा के अनुसार, केवल एक नोटिस जारी हुआ था जिसमें उनसे और कुछ अन्य लोगों से 10 करोड़ रुपये के मुआवजे संबंधी कार्रवाई पर जवाब मांगा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और मीनाक्षी नटराजन की ओर से नोटिस का विधिवत जवाब भी दिया जा चुका है।
कमलनाथ ने भाजपा पर लगाए आरोप
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने भी इस मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की संभावित सीट को रोकने के लिए भाजपा राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है।
कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को लेकर जा रही फ्लाइट को भी कथित तौर पर लंबे समय तक उड़ान की अनुमति नहीं दी गई। इसके अलावा मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण तरीके से आपत्ति दर्ज कराई गई और विधानसभा परिसर में भाजपा नेताओं ने हंगामा भी किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे राजनीतिक दबाव और हथकंडों से डरने वाली नहीं है।
अब मैदान में केवल भाजपा उम्मीदवार
18 जून को मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी मैदान में कुल चार उम्मीदवार थे। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद अब केवल तीन उम्मीदवार शेष बचे हैं और तीनों भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हैं।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस ने अपने करीब 48 विधायकों को बेंगलुरु भेज दिया है। इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सियासी हलकों में बढ़ी चर्चा
मीनाक्षी नटराजन को कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के करीबी नेताओं में गिना जाता है। ऐसे में उनका नामांकन रद्द होना कांग्रेस के लिए राजनीतिक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ा झटका माना जा रहा है।
अब इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जबकि राज्यसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति और अधिक गरमा गई है।
जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप था कि नामांकन फॉर्म में आवश्यक जानकारी छिपाई गई है और एक मामले से जुड़ी जानकारी का उल्लेख नहीं किया गया। आपत्ति पर सुनवाई के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया।
विवेक तन्खा ने दी सफाई
मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उनके नामांकन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
तन्खा के अनुसार, केवल एक नोटिस जारी हुआ था जिसमें उनसे और कुछ अन्य लोगों से 10 करोड़ रुपये के मुआवजे संबंधी कार्रवाई पर जवाब मांगा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और मीनाक्षी नटराजन की ओर से नोटिस का विधिवत जवाब भी दिया जा चुका है।
कमलनाथ ने भाजपा पर लगाए आरोप
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने भी इस मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की संभावित सीट को रोकने के लिए भाजपा राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है।
कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को लेकर जा रही फ्लाइट को भी कथित तौर पर लंबे समय तक उड़ान की अनुमति नहीं दी गई। इसके अलावा मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण तरीके से आपत्ति दर्ज कराई गई और विधानसभा परिसर में भाजपा नेताओं ने हंगामा भी किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे राजनीतिक दबाव और हथकंडों से डरने वाली नहीं है।
अब मैदान में केवल भाजपा उम्मीदवार
18 जून को मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी मैदान में कुल चार उम्मीदवार थे। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद अब केवल तीन उम्मीदवार शेष बचे हैं और तीनों भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हैं।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस ने अपने करीब 48 विधायकों को बेंगलुरु भेज दिया है। इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सियासी हलकों में बढ़ी चर्चा
मीनाक्षी नटराजन को कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के करीबी नेताओं में गिना जाता है। ऐसे में उनका नामांकन रद्द होना कांग्रेस के लिए राजनीतिक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ा झटका माना जा रहा है।
अब इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जबकि राज्यसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति और अधिक गरमा गई है।