{"vars":{"id": "130921:5012"}}

मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मिले जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, क्या निकलेगा कोई समाधान?

NEET पेपर लीक को लेकर जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार की ओर से बड़ी पहल हुई है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से मुलाकात की। जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन 32वें दिन भी जारी है।
 

NEET Paper Leak Protest: NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शन के 32वें दिन केंद्र सरकार की ओर से अहम पहल करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर रहे सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इसे मौजूदा गतिरोध समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मेदांता अस्पताल में की मुलाकात

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी मिलने पर सोनम वांगचुक को बेहतर इलाज के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य की जानकारी ली। हालांकि, मुलाकात के दौरान हुई बातचीत का आधिकारिक विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी

इधर, जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन से जुड़े संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अब आंदोलनकारी सरकार से बातचीत के लिए कहीं नहीं जाएंगे। उनका कहना है कि यदि सरकार वार्ता चाहती है तो उसे स्वयं जंतर-मंतर आकर बातचीत करनी होगी।

पेपर लीक को लेकर अनशन पर थे सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक ने NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मुद्दे को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

सड़क से संसद तक गरमाया मुद्दा

पेपर लीक का मुद्दा अब सड़क से लेकर संसद तक राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार को घेर रहे हैं और आंदोलनरत छात्रों का समर्थन कर रहे हैं।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे भी जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलनकारियों से मिले और सरकार पर छात्रों की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी होने तक उनका समर्थन जारी रहेगा।

सरकार का पक्ष

केंद्र सरकार का कहना है कि वह इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है और पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरकार का आरोप है कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।

फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय मंत्रियों और सोनम वांगचुक की मुलाकात के बाद क्या बातचीत आगे बढ़ेगी और आंदोलन के समाधान की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकल पाएगा।