NEET-UG 2026 पेपर लीक : तीन छात्रों की मौत पर गरमाई राजनीति, भड़की प्रियंका चतुर्वेदी, बोली- ये आत्महत्या नहीं...
May 17, 2026, 12:06 IST
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ा मुद्दा बन चुका है। परीक्षा में कथित धांधली और इसके बाद तीन छात्रों की आत्महत्या के मामलों ने देशभर में आक्रोश बढ़ा दिया है। इस मुद्दे पर नेता विपक्ष Rahul Gandhi के बयान का समर्थन करते हुए Priyanka Chaturvedi ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि अब तक तीन छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं और वह राहुल गांधी की बात से सहमत हैं। उन्होंने कहा, “ये भारत सरकार द्वारा की गई हत्याएं हैं। जब तक शिक्षा मंत्री स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक हम इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।” उन्होंने पूरे मामले को शिक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया।
क्या है NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला?
देशभर में 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG 2026 परीक्षा में करीब 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा के बाद आरोप लगे कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक कर दिए गए थे। शिकायतों के अनुसार, पेपर को “गेस पेपर” के नाम पर व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए मोटी रकम लेकर बेचा गया।
जांच में सामने आया कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के करीब 180 प्रश्न वही थे, जो असली परीक्षा में पूछे गए। इसके बाद मामला गंभीर हो गया और देशभर में विरोध शुरू हो गया।
12 मई को परीक्षा रद्द, 21 जून को दोबारा एग्जाम
विवाद बढ़ने के बाद National Testing Agency (NTA) ने 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी गई है।
CBI ने जांच के दौरान पुणे के प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है, जिन्हें इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
कई राज्यों में फैला था पेपर लीक नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक पेपर लीक गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था। राजस्थान के सीकर और जयपुर, महाराष्ट्र के नासिक, हरियाणा के गुरुग्राम समेत कई शहरों में इसकी गतिविधियां सामने आई हैं। आरोप है कि प्रश्नपत्र को हैंडराइटिंग में उतारकर स्कैन किया गया और फिर डिजिटल माध्यम से छात्रों तक पहुंचाया गया।
अब तक इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच लगातार जारी है।
छात्रों की आत्महत्या के बाद बढ़ा दबाव
पेपर लीक विवाद के बाद अलग-अलग राज्यों में तीन छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। विपक्षी दलों ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग भी तेज हो गई है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि अब तक तीन छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं और वह राहुल गांधी की बात से सहमत हैं। उन्होंने कहा, “ये भारत सरकार द्वारा की गई हत्याएं हैं। जब तक शिक्षा मंत्री स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक हम इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।” उन्होंने पूरे मामले को शिक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया।
क्या है NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला?
देशभर में 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG 2026 परीक्षा में करीब 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा के बाद आरोप लगे कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक कर दिए गए थे। शिकायतों के अनुसार, पेपर को “गेस पेपर” के नाम पर व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए मोटी रकम लेकर बेचा गया।
जांच में सामने आया कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के करीब 180 प्रश्न वही थे, जो असली परीक्षा में पूछे गए। इसके बाद मामला गंभीर हो गया और देशभर में विरोध शुरू हो गया।
12 मई को परीक्षा रद्द, 21 जून को दोबारा एग्जाम
विवाद बढ़ने के बाद National Testing Agency (NTA) ने 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी गई है।
CBI ने जांच के दौरान पुणे के प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है, जिन्हें इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
कई राज्यों में फैला था पेपर लीक नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक पेपर लीक गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था। राजस्थान के सीकर और जयपुर, महाराष्ट्र के नासिक, हरियाणा के गुरुग्राम समेत कई शहरों में इसकी गतिविधियां सामने आई हैं। आरोप है कि प्रश्नपत्र को हैंडराइटिंग में उतारकर स्कैन किया गया और फिर डिजिटल माध्यम से छात्रों तक पहुंचाया गया।
अब तक इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच लगातार जारी है।
छात्रों की आत्महत्या के बाद बढ़ा दबाव
पेपर लीक विवाद के बाद अलग-अलग राज्यों में तीन छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। विपक्षी दलों ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग भी तेज हो गई है।