Nepal New Rules: भारत से नेपाल जाने पर सख्ती, बॉर्डर एंट्री पर टैक्स अनिवार्य; शॉपिंग पर भी लगेगा शुल्क
नई दिल्ली। भारत-नेपाल सीमा पर हालात तेजी से बदल रहे हैं और इन बदलावों का असर खासतौर पर भारतीय यात्रियों पर पड़ने वाला है। नेपाल सरकार ने सीमा पार आवाजाही और व्यापार से जुड़े कई नए सख्त नियम लागू किए हैं, जिससे पहले की तरह आसान यात्रा अब मुश्किल होती जा रही है।
दोनों देशों के बीच लंबे समय से खुले बॉर्डर और मजबूत सांस्कृतिक संबंध रहे हैं, लेकिन अब नेपाल में प्रवेश करने वाले भारतीय वाहनों के लिए नियम कड़े कर दिए गए हैं। अब नेपाल में प्रवेश करते ही भारतीय गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा और सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखना जरूरी है।
नए नियमों के तहत कोई भी भारतीय वाहन साल में 30 दिनों से अधिक नेपाल में नहीं रह सकता। इसके अलावा, अब छोटी यात्राओं के लिए भी एंट्री फीस देनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन जब्त किए जाने तक की कार्रवाई हो सकती है, और कुछ मामलों में वाहन स्थायी रूप से जब्त भी किया जा सकता है।
सिर्फ यात्रा ही नहीं, बल्कि सामान लाने-ले जाने पर भी सख्ती बढ़ गई है। नेपाल से 100 नेपाली रुपये (करीब 62 भारतीय रुपये) से ज्यादा का सामान लाने पर अब कस्टम ड्यूटी देनी होगी। इससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों और छोटे व्यापारियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
दक्षिणी नेपाल के कई परिवार, जो रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार के बाजारों पर निर्भर रहते थे, अब इन नियमों के कारण आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। वहीं, छोटे दुकानदारों की बिक्री पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ा है।
नेपाल सरकार का कहना है कि इन सख्त कदमों का उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना, टैक्स चोरी को नियंत्रित करना और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना है। बालेन शाह के नेतृत्व में प्रशासन अब नियमों के पालन को लेकर ज्यादा सख्ती बरत रहा है।
पहले जहां भारतीय वाहन बिना किसी शुल्क के 24 घंटे तक सीमा क्षेत्र में आ-जा सकते थे, अब उस छूट को समाप्त कर दिया गया है और निगरानी को और कड़ा कर दिया गया है।