वाराणसी में NIA की छापेमारी, पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार भेजने का शक
लखनऊ: पाकिस्तान से भारत में हथियारों और विस्फोटक सामग्री की तस्करी कर आतंकी साजिश रचने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को बड़ा एक्शन लिया। एनआईए ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र समेत चार राज्यों में कुल 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी और सीतापुर के पांच स्थानों पर जांच एजेंसी की टीमें पहुंचीं। सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई पाकिस्तान आधारित तस्कर जसबीर चौधरी से जुड़े आतंकी नेटवर्क की जांच के तहत की गई।
ड्रोन से भेजे जा रहे थे हथियार और IED
एनआईए की शुरुआती जांच में सामने आया है कि भारत-पाक सीमा के रास्ते ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भारत भेजे जा रहे थे। एजेंसी को आशंका है कि इन हथियारों का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र में आतंकी हमलों के लिए किया जाना था।
सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए कई बार सीमा पार से हथियारों की खेप पंजाब पहुंचाई जा चुकी है। एनआईए अब इस पूरे मॉड्यूल की गहराई से जांच कर रही है।
पंजाब पुलिस की जांच के बाद NIA हुई एक्टिव
जानकारी के मुताबिक, इस मामले में सबसे पहले पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने 10 फरवरी को मुकदमा दर्ज किया था। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए 21 मार्च को जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी गई। अप्रैल से एनआईए लगातार इस नेटवर्क से जुड़े लोगों और ठिकानों की जांच कर रही थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान से संचालित यह नेटवर्क देश के कई हिस्सों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी में था। इसी इनपुट के आधार पर शुक्रवार को एक साथ कई राज्यों में छापेमारी की गई।
यूपी के कई शहर जांच के दायरे में
उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी और सीतापुर में हुई छापेमारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जांच टीम संदिग्ध लोगों के मोबाइल, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है।
सूत्रों का कहना है कि कुछ संदिग्धों के विदेश में बैठे नेटवर्क से संपर्क के इनपुट भी मिले हैं। हालांकि, एजेंसी की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है।
देशभर में हाई अलर्ट
एनआईए की इस कार्रवाई के बाद कई राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और ड्रोन मूवमेंट पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।