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ओडिशा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग, कांग्रेस ने 3 विधायकों को किया निलंबित

 

Bhubaneswar : ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने तीन विधायकों को निलंबित कर दिया है। इन विधायकों पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे के पक्ष में मतदान किया।

निलंबित विधायकों में रमेश चंद्र जेना (सनाखेमुंडी), दसरथी गोमांगो (मोहाना) और सोफिया फिरदौस (कटक) शामिल हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अनुशासनहीनता और पार्टी के साथ विश्वासघात के चलते की गई है।

कांग्रेस का सख्त रुख

ओडिशा कांग्रेस के मीडिया सेल प्रभारी Aravind Das ने बताया कि पूरी प्रक्रिया की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित विधायकों ने पार्टी हितों के खिलाफ काम किया, इसलिए उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कराने के लिए स्पीकर को नोटिस भेजा जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि यह कदम संविधान की 10वीं अनुसूची (एंटी-डिफेक्शन कानून) के तहत उठाया जाएगा। उन्होंने इसे “पार्टी के साथ गद्दारी” करार दिया और कहा कि हाईकमान ने इस कार्रवाई का समर्थन किया है।

विपक्षी उम्मीदवार को भी झटका

इस चुनाव में विपक्ष के साझा उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को भी हार का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि बीजू जनता दल (BJD) के 8 विधायकों ने भी क्रॉस वोटिंग की, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ। कांग्रेस ने होता को समर्थन देने का ऐलान किया था।

अन्य राज्यों में भी सियासी हलचल

कांग्रेस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई बिहार और हरियाणा में भी हो सकती है, जहां हालिया राज्यसभा चुनाव में पार्टी को उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला।

हरियाणा में कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध जीत तो गए, लेकिन पार्टी को उम्मीद से कम वोट मिले। 37 विधायकों वाली पार्टी के उम्मीदवार को केवल 28 वोट ही मिल सके, जबकि 5 विधायकों ने अलग रुख अपनाया और 4 वोट अवैध घोषित हुए। फिलहाल कांग्रेस अब बिहार और हरियाणा में भी क्रॉस वोटिंग करने वाले नेताओं की पहचान कर आगे की रणनीति तैयार कर रही है।