राष्ट्रीय एकता दिवस पर PM मोदी ने एकतानगर को दी 426.71 करोड़ की सौगात, 23 परियोजनाओं का लोकार्पण और 8 का शिलान्यास
एकतानगर (गुजरात)। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले स्थित एकतानगर में आयोजित भव्य समारोह में हिस्सा लिया। सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर प्रधानमंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद परेड ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल हुए। इस दौरान आयोजित परेड में देश की एकता, विविधता, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने एकतानगर में पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 426.71 करोड़ रुपये की कुल 31 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 307.83 करोड़ रुपये की 23 परियोजनाओं का उद्घाटन और 118.88 करोड़ रुपये की आठ नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन विकास कार्यों का उद्देश्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और एकतानगर को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।
307.83 करोड़ की 23 परियोजनाओं का लोकार्पण
प्रधानमंत्री ने एकतानगर में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार आईआरसीटीसी होटल, 16 करोड़ रुपये का एकता क्रूज, 14.30 करोड़ रुपये का रेन फॉरेस्ट और 3.67 करोड़ रुपये का इको ट्रेल प्रमुख हैं।
इसके अलावा 45.53 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 21.40 करोड़ रुपये का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और 23.81 करोड़ रुपये की लागत से विकसित परेड ट्रैक तथा उससे जुड़े कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।
पर्यटकों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए 28.22 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैवलेटर की सुविधा विकसित की गई है। वहीं, यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए 23 करोड़ रुपये की लागत से 24 मीटर चौड़ी कॉलोनी रोड और कर्मचारियों के आवास के लिए 14.25 करोड़ रुपये के स्टाफ क्वार्टर भी बनाए गए हैं।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आने वाले पर्यटकों को मिलेंगी नई सुविधाएं
एकतानगर में पर्यटकों की सुविधा और आकर्षण बढ़ाने के लिए कई अन्य विकास कार्य भी पूरे किए गए हैं। इनमें मोखडी गांव के पास टर्मिनल बिल्डिंग और जेटी, विभिन्न स्थानों पर वाटर स्टेशन, सीआईएसएफ बैरक और एकतानगर रेलवे स्टेशन से विजिटर सेंटर तक वॉक-वे का विस्तार शामिल है।
परिसर को अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई स्थानों पर फव्वारे लगाए गए हैं। नए हाई लेवल गोरा ब्रिज के आसपास सौंदर्यीकरण और हरियाली बढ़ाने के लिए जियोसेल तकनीक से लैंडस्केपिंग की गई है।
इसके साथ ही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के गेट नंबर-8 पर सड़क विकास, शूलपाणेश्वर नर्मदा घाट का विस्तार एवं सौंदर्यीकरण तथा परिसर में फसाड लाइटिंग की सुविधा भी विकसित की गई है।
पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एकता प्रकाश पर्व, यूनिटी ग्लो गार्डन का उन्नयन और नौ मीटर लंबी दो नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों जैसी सुविधाओं को भी शामिल किया गया है।
118.88 करोड़ की आठ नई परियोजनाओं का शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकतानगर में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आठ नई विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनकी कुल अनुमानित लागत 118.88 करोड़ रुपये है।
इनमें सबसे बड़ी परियोजना 59.32 करोड़ रुपये की गोरा-भाणद्रा रोड है। इसके अलावा 7.72 करोड़ रुपये की लागत से खलवाणी ब्रिज का विकास और 5.79 करोड़ रुपये से कैक्टस एवं बटरफ्लाई गार्डन का एकीकृत विकास किया जाएगा।
मांडवा फलिया से रिवर राफ्टिंग पॉइंट और ठोस कचरा प्रबंधन स्थल तक पहुंच बेहतर बनाने के लिए वाघडिया रोड के विस्तार की भी योजना है।
सरदार सरोवर बांध की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए डिजास्टर कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। वहीं, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 36.58 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट जीरो वेस्ट इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट विकसित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त 5.15 करोड़ रुपये की लागत से खलवाणी इको टूरिज्म परियोजना का विकास किया जाएगा।
एकतानगर को प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने पर जोर
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के कारण एकतानगर देश के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना चुका है। सरकार का प्रयास है कि यहां आने वाले पर्यटकों को दर्शनीय स्थलों के साथ बेहतर परिवहन, ठहरने की सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षा और आधुनिक बुनियादी ढांचा भी उपलब्ध कराया जाए।
नई परियोजनाओं से एकतानगर में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय रोजगार और व्यावसायिक अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर शुरू की गई इन योजनाओं के माध्यम से एकतानगर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।