Online Shopping Complaint: खराब सामान मिलने या रिफंड अटकने पर कहां करें शिकायत? जानें e-Jagriti पोर्टल का पूरा तरीका
आज के समय में ऑनलाइन शॉपिंग लोगों की जिंदगी का आसान हिस्सा बन गई है। मोबाइल से कुछ क्लिक करते ही सामान घर पहुंच जाता है। लेकिन कई बार ऑनलाइन ऑर्डर परेशानी की वजह भी बन जाता है। कभी खराब या गलत सामान डिलीवर हो जाता है, तो कभी पैसे कटने के बाद भी प्रोडक्ट नहीं मिलता। कई मामलों में सामान वापस करने के बावजूद कंपनियां रिफंड देने में देरी करती हैं।
ऐसी स्थिति में ज्यादातर लोग कस्टमर केयर के चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाता। अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप सरकार के e-Jagriti पोर्टल के जरिए अपनी शिकायत उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा सकते हैं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से घर बैठे उपभोक्ता शिकायत दर्ज कर सकते हैं और अपने अधिकारों के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
e-Jagriti पोर्टल पर कैसे दर्ज करें शिकायत?
अगर ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी आपकी शिकायत पर ध्यान नहीं दे रही है, तो आप इन आसान स्टेप्स के जरिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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सबसे पहले e-Jagriti की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
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मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी की मदद से अपना रजिस्ट्रेशन करें और लॉग-इन करें।
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डैशबोर्ड पर जाकर 'File New Case' का विकल्प चुनें।
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इसके बाद 'Consumer Complaint' पर क्लिक करें।
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अब शिकायत से जुड़ी पूरी जानकारी भरें। इसमें प्रोडक्ट का नाम, खरीदारी की तारीख, भुगतान की गई रकम और परेशानी का पूरा विवरण दें।
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जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और लागू होने वाली फीस का भुगतान करें।
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सभी जानकारियां जांचने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें।
शिकायत दर्ज होने के बाद आपको एक केस नंबर मिलेगा। इसे संभालकर रखें, क्योंकि इसी की मदद से आप अपनी शिकायत का स्टेटस चेक कर सकेंगे।
शिकायत करते समय इन दस्तावेजों को रखें तैयार
e-Jagriti पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के लिए आपके पास खरीदारी और कंपनी से हुई बातचीत से जुड़े सबूत होने चाहिए। इनमें शामिल हैं:
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ऑनलाइन शॉपिंग का बिल या ऑर्डर रसीद।
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पेमेंट का स्क्रीनशॉट या ट्रांजैक्शन डिटेल।
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खराब या गलत सामान की फोटो और वीडियो।
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कंपनी के साथ हुई ईमेल या चैट की जानकारी।
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रिटर्न और रिफंड रिक्वेस्ट का स्क्रीनशॉट।
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शिकायत से जुड़े अन्य जरूरी दस्तावेज।
ध्यान रखें कि जितने मजबूत सबूत होंगे, आपके मामले को समझने और उसकी पैरवी करने में उतनी ही आसानी होगी।
कितनी देनी होगी शिकायत दर्ज करने की फीस?
उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करने की फीस मामले में शामिल वस्तु या सेवा के मूल्य के आधार पर तय होती है। जिला उपभोक्ता आयोग में 5 लाख रुपये तक के मामलों में कोई फीस नहीं लगती। वहीं, 5 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक के मामलों में 200 रुपये फीस निर्धारित है।
इसलिए शिकायत दर्ज करने से पहले अपने मामले की श्रेणी और लागू फीस की जानकारी जरूर जांच लें।
पहले नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर भी कर सकते हैं शिकायत
अगर आप सीधे उपभोक्ता आयोग में केस दाखिल नहीं करना चाहते, तो पहले नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन की मदद ले सकते हैं। इसके लिए आप 1915 नंबर पर कॉल कर सकते हैं या आधिकारिक वेबसाइट consumerhelpline.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत करने से पहले जान लें ये जरूरी बात
e-Jagriti पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने का मतलब यह नहीं है कि आपको तुरंत रिफंड मिल जाएगा। शिकायत की जांच और सुनवाई के बाद संबंधित उपभोक्ता आयोग मामले में फैसला लेता है।
इसलिए ऑनलाइन शॉपिंग करते समय हमेशा बिल, भुगतान की जानकारी, डिलीवरी से जुड़े सबूत और कंपनी के साथ हुई बातचीत का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। अगर कंपनी आपकी जायज शिकायत को नजरअंदाज करती है, तो उपभोक्ता के तौर पर आपके पास अपनी बात आयोग तक पहुंचाने का विकल्प मौजूद है।